SolarEclipse – कुंभ राशि में 37 साल बाद दुर्लभ सूर्य ग्रहण
SolarEclipse – साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में होगा। इस दौरान सूर्य कुंभ राशि में स्थित रहेंगे और राहु भी उसी राशि में मौजूद होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि लगभग 37 वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है, जब कुंभ राशि में सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। इससे पहले 7 मार्च 1989 को इसी तरह की ग्रह स्थिति बनी थी। इस बार सूर्य और राहु के साथ बुध, शुक्र और चंद्रमा भी कुंभ राशि में रहेंगे, जिससे एक विशेष ग्रह संयोग तैयार हो रहा है।

कुंभ राशि में बना विशेष ग्रह योग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य और राहु की युति को ग्रहण योग कहा जाता है। जब यह योग किसी एक राशि में अन्य ग्रहों की उपस्थिति के साथ बनता है, तो उसका प्रभाव व्यापक माना जाता है। इस बार कुंभ राशि में कई प्रमुख ग्रहों की स्थिति इसे खास बना रही है। विद्वानों का मानना है कि यह संयोग कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां ला सकता है, खासकर आर्थिक और पारिवारिक मामलों में सतर्कता जरूरी होगी।
मिथुन राशि पर संभावित प्रभाव
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण नवम भाव में घटित होगा। ज्योतिषीय दृष्टि से यह भाव भाग्य, उच्च शिक्षा और धार्मिक यात्राओं से जुड़ा माना जाता है। इस अवधि में भाग्य का साथ कमजोर पड़ सकता है। संतान से संबंधित मामलों में चिंता बढ़ सकती है। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। अचानक यात्राएं करनी पड़ सकती हैं, जिससे मानसिक थकान भी महसूस हो सकती है। परिवार में मतभेद की स्थिति बनने की आशंका है, इसलिए संयम और संवाद बनाए रखना लाभकारी रहेगा।
सिंह राशि के लिए सावधानी का समय
सिंह राशि के लिए यह ग्रहण सप्तम भाव में रहेगा, जो दांपत्य जीवन और साझेदारी से जुड़ा होता है। इस दौरान जीवनसाथी के साथ मतभेद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जो लोग साझेदारी में व्यापार कर रहे हैं, उन्हें फैसले सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है। यात्रा और वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। पारस्परिक विश्वास बनाए रखना इस समय महत्वपूर्ण रहेगा।
कन्या राशि पर स्वास्थ्य संबंधी असर
कन्या राशि के लिए सूर्य ग्रहण षष्ठम भाव में होगा, जिसे रोग, ऋण और शत्रु भाव कहा जाता है। इस अवधि में स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही ठीक नहीं मानी जाती। छोटी समस्याएं भी गंभीर रूप ले सकती हैं, इसलिए नियमित जांच और सावधानी आवश्यक है। कार्यक्षेत्र में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रह सकती है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। आसपास के लोगों के साथ व्यवहार में सतर्कता बरतना उचित रहेगा, क्योंकि विरोध या आलोचना की स्थिति बन सकती है।
कुंभ राशि पर अधिक प्रभाव
यह ग्रहण कुंभ राशि में ही लग रहा है, इसलिए इसका सीधा असर इस राशि के जातकों पर देखा जा सकता है। लग्न भाव में ग्रहण होने से शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर दबाव महसूस हो सकता है। सूर्य के साथ राहु की स्थिति चोट या अस्वस्थता की आशंका बढ़ा सकती है। पारिवारिक जीवन में मतभेद या तनाव की स्थिति बन सकती है। विवाहित लोगों को संवाद में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी जाती है, ताकि संबंधों में कड़वाहट न आए।
मीन राशि के लिए आर्थिक सतर्कता
मीन राशि के लिए यह ग्रहण द्वादश भाव में रहेगा, जो खर्च और विदेशी संबंधों से जुड़ा माना जाता है। इस समय धन हानि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। नए ऋण लेने से बचना बेहतर होगा, क्योंकि चुकाने में कठिनाई आ सकती है। विदेश से जुड़े कामों में देरी या तनाव संभव है। मानसिक रूप से असमंजस की स्थिति रह सकती है, इसलिए धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा।
ग्रहण काल में सामान्य सावधानियां
विशेषज्ञों का सुझाव है कि ग्रहण के दौरान संयम और सतर्कता रखना बेहतर होता है। धार्मिक आस्था रखने वाले लोग मंत्र जाप और ध्यान को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसे सावधानीपूर्वक देखा जाना चाहिए। बिना सुरक्षा उपकरण के सीधे सूर्य को देखना आंखों के लिए हानिकारक हो सकता है।



