How To Grow Cloves: घर पर गमले में उगाएं असली सुगंधित लौंग का पौधा – बिल्कुल मुफ्त और जैविक तरीके से
How To Grow Cloves: भारतीय रसोई में लौंग का नाम आते ही मुंह में एक अलग सी खुशबु फैल जाती है। चाय हो, बिरयानी हो या फिर दादी के हाथ की खिचड़ी – लौंग के बिना स्वाद अधूरा सा लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो लौंग आप महंगे दाम देकर बाजार से लाते हैं, उसे आप अपने बालकनी के छोटे से गमले में भी आसानी से उगा सकते हैं? जी हाँ, घर पर उगाई गई लौंग न सिर्फ ताज़ा और पूरी तरह जैविक होती है बल्कि उसकी खुशबु और स्वाद बाजार वाली लौंग से कई गुना बेहतर होता है। अगर आपको थोड़ा बहुत भी gardening passion है तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज हम बताने जा रहे हैं कि बिना किसी महंगी नर्सरी के आप खुद कैसे clove plant घर पर grow कर सकते हैं।

सही और ताज़ा लौंग बीज कैसे चुनें
लौंग का पौधा उगाने की पहली सीढ़ी है सही seeds का चयन। बाजार से लाई हुई सूखी लौंग से पौधा नहीं उगेगा। आपको ऐसी लौंग चाहिए जो अभी भी हल्की नमी लिए हो, थोड़ा बैंगनी रंग लिए हो और दबाने पर हल्की मुलायम लगे। किराने की दुकान से नहीं, बल्कि मसाले की बड़ी दुकान या ऑनलाइन organic spice sellers से ताज़ा पैक लौंग लें। घर लाकर 15-20 लौंग चुन लें और उन्हें 24 से 30 घंटे साफ पानी में भिगोकर रख दें। इससे लौंग का कठोर छिलका नरम पड़ जाता है और अंकुरण की संभावना 90% तक बढ़ जाती है।
परफेक्ट मिट्टी का मिश्रण तैयार करें
लौंग का पौधा tropical climate का है इसलिए इसे हल्की, हवादार और जल्दी पानी निकालने वाली soil चाहिए। आप घर पर ही यह मिश्रण बना सकते हैं – 40% नारियल पीट (cocopeat), 30% पुरानी गोबर खाद या vermicompost और 30% नदी की रेत या perlite। अगर perlite नहीं है तो साधारण बालू भी चलेगी। इस मिश्रण में थोड़ी सी नीम की खली मिला दें, कीड़े नहीं लगेंगे। मिट्टी का pH 6 से 7 के बीच रखें, बहुत ज्यादा खट्टी या क्षारीय मिट्टी में पौधा कमजोर रहता है।
गमले में लौंग का पौधा लगाने का सही तरीका
8-10 इंच का गमला लें जिसमें नीचे drainage hole जरूर हो। गमले में तैयार मिट्टी भरें। भिगोई हुई लौंग को 1.5-2 सेमी गहराई पर बोएं। एक गमले में 8-10 लौंग तक बो सकते हैं क्योंकि शुरुआत में जगह ज्यादा चाहिए नहीं होती। बोने के बाद हल्के हाथ से मिट्टी दबाएं और spray bottle से पानी का छिड़काव करें। गमले को ऐसी जगह रखें जहाँ सुबह की हल्की धूप आए लेकिन दोपहर की तेज धूप न पड़े। 25-30 डिग्री तापमान सबसे बढ़िया रहता है।
अंकुरण के बाद की देखभाल और पानी का सही तरीका
लगभग 4-7 हफ्ते में छोटे-छोटे पत्तों वाले अंकुर निकल आएंगे। इस समय पानी बहुत संयम से दें। मिट्टी ऊपर से सूख जाए तब ही पानी डालें, ज्यादा पानी से जड़ें सड़ सकती हैं। जब पौधा 6-8 इंच का हो जाए तब उसे बड़े गमले में शिफ्ट कर दें या जमीन में लगा दें। हर 20-25 दिन में liquid seaweed या पतला गोबर खाद का पानी दें। इससे पौधे की growth बहुत तेज होती है।
सर्दियों में लौंग के पौधे की खास देखभाल
उत्तर भारत में दिसंबर-जनवरी में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चला जाता है। ऐसे में पौधे को रात में घर के अंदर रखें या पुरानी साड़ी-प्लास्टिक से ढक दें। पाला बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होता लौंग के पौधे को। गर्मियों में हल्की छाँव वाली जगह चुनें, तेज धूप में पत्तियाँ जल सकती हैं।
18-24 महीने बाद आएंगी पहली फूल और असली लौंग
सही देखभाल की तो डेढ़-दो साल में पौधे पर गुलाबी रंग के छोटे-छोटे फूल आएंगे। ये फूल जब पूरी तरह खिलने से पहले हों, यानी कली की शक्ल में हों, तभी तोड़ लें और 4-5 दिन छाँव में सुखा लें – आपकी घर की खुद की 100% शुद्ध और सुगंधित लौंग तैयार है। एक स्वस्थ पौधा हर साल 200-300 ग्राम तक सूखी लौंग दे सकता है।
अब तो आप भी आज ही ताज़ी लौंग लाएँ और अपने छोटे से गमले में यह खुशबुदार पौधा उगाना शुरू करें। एक बार पौधा तैयार हुआ तो सालों-साल मुफ्त में pure organic cloves मिलते रहेंगे।



