Healthy Diet – गेहूं की रोटी को ज्यादा पौष्टिक बनाने के आसान उपाय
Healthy Diet – भारतीय रसोई में गेहूं की रोटी रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा है। दोपहर हो या रात का खाना, ज्यादातर घरों में थाली रोटी के बिना अधूरी मानी जाती है। आम धारणा है कि गेहूं की रोटी सेहतमंद होती है, लेकिन पोषण विशेषज्ञ बताते हैं कि इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है और ग्लूटेन भी मौजूद रहता है। कुछ लोगों में इसकी वजह से ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव, वजन बढ़ने या पाचन संबंधी परेशानी देखी जा सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि रोटी छोड़ दी जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि आटे में कुछ छोटे बदलाव करके इसे ज्यादा संतुलित और पौष्टिक बनाया जा सकता है। न्यूट्रीशनिस्ट शेफाली मंधन ने हाल में साझा किए गए सुझावों में ऐसे ही कुछ सरल उपाय बताए हैं।

सब्जियां मिलाकर बढ़ाएं फाइबर की मात्रा
आटा गूंथते समय उसमें कद्दूकस की हुई या पेस्ट बनाई हुई सब्जियां मिलाने से रोटी का पोषण स्तर बेहतर हो सकता है। पालक, गाजर, बथुआ या लौकी जैसी सब्जियां न सिर्फ विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती हैं, बल्कि इनमें फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक फाइबर पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है और लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास देता है। नियमित रूप से सब्जियां मिलाकर बनी रोटी खाने से त्वचा की सेहत पर भी सकारात्मक असर देखा जा सकता है। यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है जो रोजमर्रा के भोजन में अतिरिक्त सब्जियां शामिल नहीं कर पाते।
सत्तू मिलाकर बढ़ाएं प्रोटीन
अगर भोजन में प्रोटीन की कमी महसूस होती है तो गेहूं के आटे में थोड़ा सत्तू पाउडर मिलाया जा सकता है। सत्तू चने से तैयार होता है और इसमें प्रोटीन व आयरन पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट का कहना है कि सत्तू मिलाकर बनी रोटी ब्लड शुगर मैनेजमेंट में सहायक हो सकती है और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती है। खासकर उन लोगों के लिए यह विकल्प फायदेमंद माना जाता है जिन्हें जल्दी थकान महसूस होती है या जिनकी डाइट में प्रोटीन कम होता है। स्वाद में भी हल्का बदलाव आता है, जो कई लोगों को पसंद आता है।
अजवाइन से मिल सकती है पाचन में राहत
कुछ लोगों को रोटी खाने के बाद गैस या ब्लोटिंग की समस्या होती है। ऐसे मामलों में आटा गूंथते समय थोड़ी सी अजवाइन मिलाना लाभकारी बताया गया है। अजवाइन को हल्का सा मसलकर आटे में डालने से उसका स्वाद और गुण बेहतर तरीके से मिलते हैं। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार अजवाइन पाचन क्रिया को सक्रिय करने में मदद कर सकती है और पेट से जुड़ी असहजता को कम करने में सहायक होती है। साथ ही, इससे रोटी में हल्की सुगंध और स्वाद भी जुड़ जाता है।
अलसी पाउडर से मिल सकता है अतिरिक्त पोषण
अलसी के बीज ओमेगा थ्री फैटी एसिड का अच्छा स्रोत माने जाते हैं। इन्हें साबुत खाने की बजाय पाउडर बनाकर इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद बताया जाता है। आटे में एक या दो चम्मच अलसी पाउडर मिलाने से रोटी में अतिरिक्त फाइबर और हेल्दी फैट शामिल हो जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह हृदय और मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है। इसके अलावा फाइबर की मौजूदगी लंबे समय तक भूख नियंत्रित रखने में भी मदद करती है।
स्वास्थ्य संबंधी किसी भी बदलाव से पहले व्यक्तिगत जरूरतों और चिकित्सकीय सलाह को ध्यान में रखना जरूरी है। यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के उद्देश्य से है।



