HairFall – कम उम्र में बढ़ती समस्या और कारणों की पड़ताल
HairFall – आज की तेज रफ्तार जिंदगी में बालों का झड़ना सिर्फ उम्र से जुड़ी समस्या नहीं रह गया है। अब युवा भी इस परेशानी से जूझते दिख रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना 50 से 100 बालों का गिरना सामान्य प्रक्रिया है, क्योंकि बालों का अपना विकास चक्र होता है। लेकिन जब गिरते बालों की संख्या इससे ज्यादा हो जाए या बाल पतले होकर तेजी से कम होने लगें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अक्सर यह शरीर के भीतर चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।

हार्मोन और अनुवांशिक कारण
बालों के झड़ने के पीछे सबसे प्रमुख कारणों में हार्मोनल बदलाव शामिल हैं। पुरुषों में DHT हार्मोन का स्तर बढ़ने से बालों की जड़ें कमजोर हो सकती हैं। महिलाओं में गर्भावस्था, प्रसव के बाद की स्थिति या मेनोपॉज के दौरान हार्मोन में उतार-चढ़ाव बालों के विकास चक्र को प्रभावित करता है।
इसके अलावा एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया एक ऐसी स्थिति है जो परिवार में चली आती है। यदि माता-पिता या करीबी रिश्तेदारों को कम उम्र में बाल झड़ने की समस्या रही है, तो इसकी संभावना अगली पीढ़ी में भी बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में समय रहते विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहता है।
पोषण की कमी का असर
बालों की सेहत सीधे तौर पर हमारे खानपान से जुड़ी होती है। प्रोटीन, आयरन, बायोटिन और विटामिन D जैसे पोषक तत्व बालों की मजबूती के लिए जरूरी माने जाते हैं। अनियमित भोजन, जंक फूड की अधिकता और हरी सब्जियों की कमी से जड़ों तक पर्याप्त पोषण नहीं पहुंच पाता।
आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया भी बाल झड़ने का एक बड़ा कारण हो सकता है, क्योंकि इससे सिर की त्वचा तक ऑक्सीजन की आपूर्ति घट जाती है। परिणामस्वरूप बाल पतले और कमजोर होकर टूटने लगते हैं। संतुलित आहार इस समस्या से बचाव का पहला कदम है।
तनाव और जीवनशैली की भूमिका
मानसिक तनाव का असर केवल मन पर नहीं, बल्कि शरीर पर भी पड़ता है। अत्यधिक तनाव की स्थिति में बाल अचानक अधिक मात्रा में झड़ने लगते हैं, जिसे चिकित्सकीय भाषा में टेलोजन एफ्लुवियम कहा जाता है। लगातार काम का दबाव, नींद की कमी और चिंता कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाते हैं, जो बालों की जड़ों को प्रभावित करता है।
धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन भी सिर की त्वचा में रक्त संचार को प्रभावित कर सकता है। इससे बालों की जड़ें कमजोर पड़ती हैं और विकास धीमा हो जाता है। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन से इस जोखिम को कम किया जा सकता है।
रासायनिक उत्पाद और गर्म उपकरण
आजकल बालों को आकर्षक दिखाने के लिए स्ट्रेटनर, ब्लो ड्रायर और विभिन्न केमिकल ट्रीटमेंट का उपयोग आम हो गया है। इन उपकरणों से निकलने वाली अधिक गर्मी बालों की प्राकृतिक नमी और केराटिन को नुकसान पहुंचा सकती है।
लगातार हेयर कलर या रिबॉन्डिंग कराने से स्कैल्प रूखी हो सकती है और बाल बीच से टूटने लगते हैं। कठोर रसायनों वाले शैंपू और स्टाइलिंग उत्पाद भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में हल्के और भरोसेमंद उत्पादों का सीमित उपयोग बेहतर विकल्प हो सकता है।
देखभाल और समय पर सलाह जरूरी
बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित तेल मालिश और साफ-सफाई जरूरी है। यदि बाल असामान्य रूप से गुच्छों में गिर रहे हों या लंबे समय तक सुधार न दिखे, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाहरी चमक से ज्यादा जरूरी बालों की जड़ों की मजबूती है। सही जीवनशैली और समय पर चिकित्सा सलाह से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।



