ElectricCooking – गैस की कमी में मल्टी कुक इलेक्ट्रिक पॉट बना नया विकल्प
ElectricCooking – देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई पर असर डालना शुरू कर दिया है। ऐसे में अब लोग पारंपरिक गैस के विकल्प तलाश रहे हैं, खासकर वे लोग जो सीमित जगह या संसाधनों में रहते हैं। इसी जरूरत के बीच छोटे इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरण तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, जो कम खर्च में बेसिक खाना बनाने की सुविधा देते हैं।

छोटे आकार में कई काम करने वाला उपकरण
इन दिनों जिस डिवाइस की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह मल्टीपर्पस इलेक्ट्रिक कुकिंग पॉट है। आकार में यह साधारण इलेक्ट्रिक केतली जैसा दिखता है, लेकिन इसके उपयोग कहीं अधिक हैं। यह उपकरण केवल पानी गर्म करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई तरह के हल्के व्यंजन भी तैयार किए जा सकते हैं। इसका कॉम्पैक्ट डिजाइन इसे छोटे घरों और सीमित जगहों के लिए उपयुक्त बनाता है।
रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उपयोगी
इस इलेक्ट्रिक पॉट में चाय, कॉफी, सूप और नूडल्स जैसे व्यंजन आसानी से बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा, इसमें अंडा उबालना, पास्ता तैयार करना या हल्की सब्जियां पकाना भी संभव है। हालांकि यह पारंपरिक गैस चूल्हे की तरह जटिल या बड़े पैमाने पर खाना बनाने के लिए नहीं है, लेकिन दैनिक छोटी जरूरतों को पूरा करने में यह काफी सहायक साबित हो रहा है।
छात्रों और यात्रियों के लिए सुविधाजनक
यह डिवाइस खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी माना जा रहा है जो हॉस्टल, पीजी या किराए के छोटे कमरों में रहते हैं। ऐसे स्थानों पर गैस सिलेंडर रखना अक्सर मुश्किल होता है, इसलिए यह एक सुरक्षित और आसान विकल्प बन जाता है। इसके अलावा, यात्रा के दौरान भी इसे साथ ले जाना आसान है, जिससे बाहर रहते हुए भी बुनियादी खाना तैयार किया जा सकता है।
तकनीकी विशेषताएं और डिजाइन
इस इलेक्ट्रिक कुकिंग पॉट की क्षमता लगभग 1.2 लीटर होती है, जो एक या दो लोगों के लिए पर्याप्त है। यह करीब 600 वॉट की पावर पर काम करता है, जिससे खाना जल्दी तैयार हो जाता है। इसके अंदर नॉन-स्टिक कोटिंग दी गई होती है, जिससे खाना चिपकता नहीं और साफ-सफाई में भी आसानी होती है। इसके साथ पारदर्शी ढक्कन भी मिलता है, जिससे पकने की प्रक्रिया को देखा जा सकता है।
किफायती कीमत में उपलब्ध विकल्प
ऑनलाइन बाजार में इस तरह के उपकरण की कीमत आमतौर पर 1200 से 2000 रुपये के बीच है। मौजूदा समय में जब एलपीजी की कीमतें बढ़ रही हैं और आपूर्ति को लेकर भी दिक्कतें सामने आ रही हैं, ऐसे में यह किफायती विकल्प लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, इसका उपयोग सीमित स्तर तक ही संभव है, इसलिए इसे पूरी तरह गैस के विकल्प के रूप में नहीं देखा जा सकता।



