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ContactLensRisk – होली में लेंस पहनना आंखों के लिए खतरनाक

ContactLensRisk – होली का उत्सव रंगों और उत्साह से भरा होता है, लेकिन इसी उमंग में कई लोग आंखों की सुरक्षा को हल्के में ले लेते हैं। खासतौर पर वे लोग जो रोजाना कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह लापरवाही गंभीर समस्या बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक रंग और कॉन्टैक्ट लेंस का मेल आंखों के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। थोड़ी सी चूक जलन, संक्रमण या लंबे समय तक रहने वाली दृष्टि समस्या का कारण बन सकती है।

रंग और लेंस का खतरनाक मेल

बाजार में मिलने वाले कई रंगों में भारी धातुएं और तेज रासायनिक तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व जब कॉन्टैक्ट लेंस की सतह से टकराते हैं तो लेंस उन्हें सोख सकता है। चूंकि लेंस सीधे कॉर्निया पर टिके रहते हैं, इसलिए रंगों में मौजूद हानिकारक पदार्थ लंबे समय तक आंख की सतह से चिपके रह सकते हैं। इससे जलन, लालिमा और सूजन की समस्या पैदा हो सकती है। कुछ मामलों में रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण आंखों में केमिकल बर्न जैसी स्थिति भी बन सकती है।

लेंस के पीछे फंस सकता है रंग

यदि खेलते समय रंग आंख में चला जाए और लेंस पहना हो, तो रंग के कण लेंस और कॉर्निया के बीच फंस सकते हैं। इससे लगातार रगड़ लगती रहती है, जिससे कॉर्निया की ऊपरी परत प्रभावित हो सकती है। यह स्थिति दर्दनाक होती है और समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण का रूप ले सकती है। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे मामलों में कॉर्नियल अल्सर तक का खतरा रहता है, जो दृष्टि पर स्थायी असर डाल सकता है।

दृष्टि पर असर की आशंका

रंगों में मौजूद अम्लीय या क्षारीय तत्व लेंस की गुणवत्ता को खराब कर सकते हैं। इससे लेंस धुंधला हो सकता है और देखने में परेशानी हो सकती है। यदि संक्रमण बढ़ जाए तो पस बनने और आंखों में सूजन की संभावना रहती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि होली के दौरान लेंस की जगह साधारण चश्मा पहनना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि यह बाहरी रंगों से आंशिक सुरक्षा देता है।

अगर आंख में रंग चला जाए तो क्या करें

ऐसी स्थिति में सबसे पहले घबराने के बजाय सावधानी बरतें। हाथों को साफ करके धीरे से लेंस बाहर निकालें। इसके बाद आंखों को साफ और ठंडे पानी से लगातार कुछ मिनट तक धोएं। आंखों को रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे रंग के कण और भीतर जा सकते हैं और नुकसान बढ़ सकता है। यदि जलन, दर्द या धुंधलापन बना रहे तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

त्योहार के दिन संभव हो तो लेंस पहनने से बचें। यदि जरूरी हो तो खेल शुरू करने से पहले उन्हें हटा देना बेहतर है। बच्चों और युवाओं को भी इस बारे में जागरूक करना जरूरी है, क्योंकि वे अक्सर जोखिम को समझ नहीं पाते। प्राकृतिक और हल्के रंगों का इस्तेमाल भी आंखों की सुरक्षा में मदद कर सकता है।

होली का आनंद तभी पूरा है जब आपकी दृष्टि सुरक्षित रहे। थोड़ी सी सतर्कता आपकी आंखों को गंभीर नुकसान से बचा सकती है।

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