Basant Panchami Rajbhog Recipe 2026: बसंत पंचमी पर मां शारदा को लगाएं राजभोग का शाही प्रसाद, ऐसे घोलें श्रद्धा का रंग
Basant Panchami Rajbhog Recipe 2026: भारत के पावन पर्वों में बसंत पंचमी का विशेष महत्व है, जो ऋतुराज बसंत के आगमन और विद्या की देवी मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन चारों ओर पीली सरसों के फूल और प्रकृति का सुनहरा रूप भक्तों के मन में नई ऊर्जा भर देता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शारदा को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए पूजा के दौरान उन्हें पीले वस्त्र, पीले फूल और पीले रंग के मिष्ठान अर्पित किए जाते हैं। यदि आप इस (Spiritual Importance of Basant Panchami) को ध्यान में रखते हुए किसी खास भोग की तलाश में हैं, तो ‘राजभोग’ एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह न केवल दिखने में राजसी है, बल्कि इसका स्पंजी स्वाद हर किसी का दिल जीत लेता है।
राजभोग बनाने के लिए जरूरी सामग्रियां
एक उत्तम राजभोग बनाने के लिए शुद्धता और सही अनुपात का होना अनिवार्य है, ताकि इसका स्वाद और बनावट बाजार जैसी मिल सके। इसके लिए आपको मुख्य रूप से एक लीटर फुल क्रीम दूध, दो चम्मच नींबू का रस या सिरका और मिठास के लिए दो कप चीनी की आवश्यकता होगी। चाशनी तैयार करने के लिए (Essential Ingredients for Indian Sweets) के साथ पांच कप पानी का प्रयोग करें। सुगंध और रंगत के लिए 15-20 केसर के धागे, आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर और एक चुटकी पीला फूड कलर लें। वहीं, इसकी स्टफिंग को शाही बनाने के लिए बारीक कटे हुए बादाम, पिस्ता और काजू का मिश्रण तैयार रखें।
दूध फाड़ने और शुद्ध छेना तैयार करने की विधि
राजभोग की सफलता उसके छेने की गुणवत्ता पर टिकी होती है, जिसे बहुत ही सावधानी से तैयार किया जाना चाहिए। सबसे पहले दूध को एक भारी तले वाले बर्तन में उबालें और जब उबाल आने लगे तो गैस बंद कर दें। अब धीरे-धीरे नींबू का रस डालते हुए दूध को तब तक चलाएं जब तक कि हरा पानी और सफेद छेना अलग न हो जाए। इस (Homemade Paneer and Chena) प्रक्रिया के बाद छेने को मलमल के कपड़े में छान लें और ठंडे पानी से धोएं ताकि नींबू का खट्टापन निकल जाए। अंत में कपड़े को अच्छे से निचोड़कर सारा अतिरिक्त पानी निकाल दें और करीब आधे घंटे के लिए कहीं लटका दें।
छेने को मसलने और स्टफिंग भरने की कला
एक बार जब छेना तैयार हो जाए, तो उसे एक बड़ी परात या थाली में निकाल लें और उसमें केसर वाला दूध और पीला रंग मिलाएं। अब अपनी हथेली के निचले हिस्से का उपयोग करते हुए इसे (Smooth Chena Kneading Technique) के साथ तब तक मसलें जब तक कि मिश्रण पूरी तरह चिकना और नरम न हो जाए। इसमें लगभग 8 से 10 मिनट का समय लग सकता है। इसके बाद इसकी छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उनके बीच में कटे हुए मेवों और इलायची पाउडर का मिश्रण भरकर वापस गोल आकार दें। ध्यान रहे कि गोलियों की सतह पर कोई दरार न हो, अन्यथा वे चाशनी में फट सकती हैं।
चाशनी तैयार करने और पकाने का सही तरीका
चाशनी बनाने के लिए एक चौड़े बर्तन का चुनाव करें ताकि छेना बॉल्स को फूलने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। बर्तन में चीनी और पानी डालकर उबालें और इसमें खुशबू के लिए केसर और इलायची पाउडर भी मिला दें। जब चाशनी में तेज उबाल आने लगे, तो तैयार की गई (Cooking Sponge Sweets in Syrup) बॉल्स को एक-एक करके धीरे से डालें। बर्तन को ढक्कन से ढक दें और तेज आंच पर 15 से 20 मिनट तक पकने दें। आप पाएंगे कि पकने के दौरान ये बॉल्स अपने मूल आकार से लगभग दोगुनी बड़ी हो गई हैं, जो इनके स्पंजी होने का संकेत है।
प्रसाद परोसने और रस सोखने की प्रक्रिया
जब राजभोग अच्छी तरह पक जाएं, तो गैस बंद कर दें और इन्हें उसी गर्म चाशनी में कम से कम 4 से 5 घंटे के लिए छोड़ दें। यह विश्राम का समय बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दौरान (Soaking Sweets for Juice) की प्रक्रिया पूरी होती है और केसरिया रस राजभोग के केंद्र तक समा जाता है। जब ये पूरी तरह ठंडे हो जाएं और चाशनी को अच्छे से सोख लें, तब इन्हें मां सरस्वती को भोग लगाने के लिए बाहर निकालें। ठंडे राजभोग का स्वाद किसी भी उत्सव की खुशियों को दोगुना करने की क्षमता रखता है।
राजभोग को परफेक्ट बनाने के लिए खास टिप्स
यदि आप चाहते हैं कि आपके बनाए राजभोग बिल्कुल प्रोफेशनल दिखें, तो कुछ बारीकियों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले, छेने में नमी का संतुलन बनाए रखें; बहुत ज्यादा पानी या बहुत ज्यादा सूखापन राजभोग को खराब कर सकता है। (Kesar and Food Coloring Tips) के तहत असली केसर का उपयोग स्वाद और सुगंध को प्राकृतिक बनाता है। इसके अलावा, राजभोग को हमेशा साधारण रसगुल्ले से थोड़ा बड़ा बनाया जाता है, इसलिए लोइयां तोड़ते समय इस बात का ध्यान रखें कि पकने के बाद वे और अधिक फूलेंगी।
निष्कर्ष: श्रद्धा और स्वाद का अद्भुत संगम
बसंत पंचमी के दिन घर में राजभोग बनाना न केवल आपकी पाक कला को दर्शाता है, बल्कि मां सरस्वती के प्रति आपकी अगाध श्रद्धा को भी प्रकट करता है। केसरिया रंग के ये (Delightful Yellow Desserts for Puja) जब पूजा की थाली में सजते हैं, तो पूरे घर का वातावरण भक्तिमय और उत्सवपूर्ण हो जाता है। शुद्ध केसर और मेवों से भरपूर यह मिठाई स्वास्थ्य और स्वाद दोनों के लिहाज से एक बेहतरीन विकल्प है। इस साल अपने हाथों से बना यह सात्विक भोग मां शारदा को समर्पित करें और बसंत के उल्लास का आनंद लें।



