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Astrology – मूंगा रत्न पहनने से पहले जान लें इसके लाभ और संभावित नुकसान

Astrology – रत्नशास्त्र में रत्नों को केवल आभूषण नहीं, बल्कि ग्रहों की ऊर्जा का माध्यम माना गया है। कुंडली में किसी ग्रह की स्थिति कमजोर होने पर उससे जुड़े रत्न को धारण करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। पुखराज, मोती, पन्ना, नीलम और मूंगा जैसे रत्नों का सीधा संबंध अलग-अलग ग्रहों से होता है। इन्हीं में से एक है मूंगा, जिसे मंगल ग्रह का प्रतिनिधि माना जाता है। सही व्यक्ति द्वारा सही विधि से धारण किया गया मूंगा साहस, आत्मविश्वास और ऊर्जा बढ़ाने में सहायक माना जाता है, लेकिन गलत व्यक्ति के लिए यही रत्न परेशानी की वजह भी बन सकता है।

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मूंगा और मंगल ग्रह का संबंध

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल ग्रह व्यक्ति के साहस, शक्ति, पराक्रम, क्रोध और शारीरिक ऊर्जा का कारक होता है। मूंगा पहनने से मंगल से जुड़ी ऊर्जा सक्रिय होती है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल कमजोर होता है, उन्हें इससे लाभ मिल सकता है। हालांकि जिनकी कुंडली में मंगल पहले से ही प्रबल या उच्च स्थिति में हो, उनके लिए यह रत्न संतुलन बिगाड़ सकता है। इसी कारण बिना कुंडली देखे या विशेषज्ञ सलाह के मूंगा पहनना जोखिम भरा माना जाता है।

बिना सलाह मूंगा पहनने के नुकसान

रत्नशास्त्र के जानकारों के अनुसार शौक या फैशन के तौर पर मूंगा पहनना कई बार उल्टा असर दिखा सकता है। सबसे पहला प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव पर पड़ता है। मूंगा गलत व्यक्ति द्वारा धारण किए जाने पर गुस्सा, चिड़चिड़ापन और जल्दबाजी बढ़ सकती है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद की स्थिति बनने लगती है, जिससे पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों में तनाव आ सकता है।

स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रभाव

गलत कुंडली वाले व्यक्ति के लिए मूंगा स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ा सकता है। लगातार सिरदर्द, पेट से जुड़ी दिक्कतें, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव या शरीर में अत्यधिक गर्मी जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं। रत्नशास्त्र में माना जाता है कि मंगल की अत्यधिक ऊर्जा शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकती है, खासकर तब जब वह पहले से ही संतुलन में न हो।

किन राशियों के लिए माना जाता है अनुकूल

ज्योतिष के अनुसार मूंगा मुख्य रूप से मेष, सिंह, धनु, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए अनुकूल माना जाता है। इन राशियों पर मंगल का प्रभाव स्वाभाविक रूप से सकारात्मक होता है। फिर भी विशेषज्ञ यही सलाह देते हैं कि राशि के साथ-साथ कुंडली में मंगल की वास्तविक स्थिति की जांच जरूरी है। कई बार अनुकूल राशि होने के बावजूद ग्रह की स्थिति मजबूत होने पर मूंगा नुकसानदायक भी हो सकता है।

किन लोगों को नहीं पहनना चाहिए मूंगा

जिन लोगों की कुंडली में मंगल पहले से उच्च या मजबूत स्थिति में हो, उन्हें मूंगा पहनने से बचना चाहिए। ऐसे मामलों में मूंगा मंगल की ऊर्जा को और बढ़ा देता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में आक्रामकता, टकराव और निर्णयों में जल्दबाजी बढ़ सकती है। इसके अलावा जिन लोगों को पहले से क्रोध या रक्तचाप से जुड़ी समस्या हो, उन्हें भी बिना सलाह मूंगा नहीं पहनना चाहिए।

मूंगा धारण करने की सही विधि

ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार मूंगा पहनने का दिन और विधि भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसे मंगलवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है। अंगूठी के रूप में इसे दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में पहना जाता है। पहनने से पहले रत्न का शुद्धिकरण करना आवश्यक माना जाता है। इसके बाद “ऊँ मंगलाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप कर अंगूठी धारण करने की परंपरा है। माना जाता है कि सही विधि से धारण करने पर ही रत्न का सकारात्मक प्रभाव मिलता है।

संतुलन और सलाह है सबसे जरूरी

रत्नशास्त्र में हर रत्न को शक्तिशाली माना गया है, लेकिन शक्ति का सही उपयोग तभी लाभ देता है जब वह संतुलन में हो। मूंगा भी इसका अपवाद नहीं है। विशेषज्ञों की मानें तो कुंडली की जांच और अनुभवी ज्योतिषी की सलाह के बिना कोई भी रत्न पहनना समझदारी नहीं मानी जाती। सही जानकारी और सावधानी के साथ लिया गया निर्णय ही जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

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