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T20WorldCup – ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर नेताओं की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद

T20WorldCup – टी20 विश्व कप में भारत की जीत के बाद जहां देशभर में जश्न का माहौल देखा गया, वहीं ट्रॉफी को मंदिर ले जाने की घटना को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कुछ नेताओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि राष्ट्रीय टीम की जीत को किसी एक धार्मिक स्थल से जोड़ना सही परंपरा नहीं माना जाना चाहिए। इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर और तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद के बयान चर्चा में आ गए हैं।

कांग्रेस सांसद ने परंपरा को लेकर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी खेल ट्रॉफी को मंदिर या अन्य धार्मिक स्थानों पर ले जाना भारतीय खेल परंपरा का हिस्सा नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की शुरुआत भविष्य में गलत उदाहरण बन सकती है।

अनवर ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर कीर्ति आजाद की टिप्पणी से वह सहमत हैं। उनके अनुसार खेल की उपलब्धियों को पूरे देश के साथ जोड़ा जाना चाहिए, न कि किसी खास धार्मिक पहचान से। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है और राष्ट्रीय टीम की जीत सभी नागरिकों की साझा उपलब्धि होती है।

कीर्ति आजाद की टिप्पणी से बढ़ी बहस

इस विवाद की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद की टिप्पणी के बाद तेज हुई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारतीय टीम की जीत पूरे देश की जीत है और इसे किसी एक धार्मिक स्थान से जोड़ना उचित नहीं है।

अपने संदेश में उन्होंने 1983 के विश्व कप का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय टीम में विभिन्न धर्मों के खिलाड़ी शामिल थे और जीत के बाद ट्रॉफी को पूरे देश की उपलब्धि के रूप में देखा गया था। उनका कहना था कि भारतीय टीम सभी धर्मों और समुदायों का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए जीत का उत्सव भी उसी भावना के साथ मनाया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी लिखा कि टीम की उपलब्धि किसी एक व्यक्ति या समूह की नहीं बल्कि पूरे देश के खिलाड़ियों और समर्थकों की सामूहिक सफलता है। इसीलिए ऐसे अवसरों पर सभी नागरिकों की भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए।

भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को दी बड़ी हार

रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टी20 विश्व कप फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड भी बनाया।

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने यह ट्रॉफी जीतकर लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने पास बनाए रखा। ऐसा करने वाली भारत पहली टीम बन गई है जिसने इस टूर्नामेंट में खिताब का सफल बचाव किया है।

भारतीय टीम इससे पहले भी दो बार टी20 विश्व कप जीत चुकी है। पहली बार 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम ने खिताब जीता था। इसके बाद 2024 में रोहित शर्मा की अगुवाई में टीम ने फिर से विश्व कप अपने नाम किया था।

टीम के लिए बड़ी पुरस्कार राशि का ऐलान

टी20 विश्व कप जीत के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टीम के लिए बड़ी पुरस्कार राशि की घोषणा की है। बोर्ड ने विजेता टीम के लिए कुल 131 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है।

यह राशि पिछले टी20 विश्व कप के बाद दी गई इनामी रकम से भी अधिक है। 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में जब भारत चैंपियन बना था, तब टीम को 125 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया गया था। इस बार घोषित रकम उससे छह करोड़ रुपये ज्यादा है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत भारतीय टीम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हालांकि ट्रॉफी समारोह से जुड़ा विवाद चर्चा का विषय बन गया है, लेकिन मैदान पर टीम के प्रदर्शन की व्यापक सराहना की जा रही है।

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