NEET – परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव के दिखे संकेत, ऑनलाइन मोड पर जोर…
NEET – केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की तैयारी की जा रही है और भविष्य में इसे ऑनलाइन मोड में आयोजित करने पर गंभीरता से काम हो रहा है। मंत्री के इस बयान को हाल के विवादों और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि परीक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने की आवश्यकता है। उनका मानना है कि डिजिटल सिस्टम अपनाने से परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन परीक्षा मॉडल लागू होने के बाद पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली पर बढ़ा जोर
शिक्षा मंत्रालय पिछले कुछ समय से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर लगातार समीक्षा कर रहा है। NEET जैसी बड़ी परीक्षा में लाखों छात्र शामिल होते हैं, इसलिए इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता मानी जा रही है। मंत्री ने संकेत दिया कि तकनीकी ढांचे को मजबूत कर परीक्षा प्रक्रिया को नई दिशा दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम अपनाने से परीक्षा संचालन में निगरानी बेहतर होगी और प्रश्नपत्र से जुड़ी गोपनीयता को अधिक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर होने वाली कई तरह की अनियमितताओं को भी कम किया जा सकेगा। हालांकि, ऑनलाइन परीक्षा को लेकर अंतिम निर्णय और विस्तृत प्रक्रिया पर अभी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
पेपर लीक मामलों के बाद बढ़ी चिंता
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के आरोपों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है। NEET परीक्षा भी इस बहस के केंद्र में रही है। कई छात्र संगठनों और शिक्षा विशेषज्ञों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई थी। ऐसे माहौल में शिक्षा मंत्री का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली अपनाने से पारदर्शिता बढ़ सकती है, लेकिन इसके साथ मजबूत तकनीकी नेटवर्क और साइबर सुरक्षा व्यवस्था की भी आवश्यकता होगी। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट और कंप्यूटर सुविधाओं को लेकर भी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। इसलिए किसी भी बड़े बदलाव से पहले व्यापक तैयारी जरूरी मानी जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों की नजर सरकार के अगले कदम पर
मंत्री के बयान के बाद छात्र समुदाय और अभिभावकों के बीच इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे परीक्षा सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षा लागू करने से पहले सभी राज्यों और परीक्षा केंद्रों की क्षमता का आकलन जरूरी होगा।
फिलहाल सरकार की ओर से केवल संकेत दिए गए हैं और किसी नई व्यवस्था की आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है। आने वाले समय में शिक्षा मंत्रालय की ओर से इस विषय पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।