लेटेस्ट न्यूज़

India Multi Lane Free Flow Toll System: हाईवे पर फर्राटा भरने को हो जाइए तैयार, टोल नाकों पर खत्म होगा घंटों का इंतजार

India Multi Lane Free Flow Toll System: देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों के लिए एक ऐसी सुखद खबर आई है, जो आने वाले समय में उनकी यात्रा को पूरी तरह तनावमुक्त बना देगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि जल्द ही टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें और रुकने का झंझट इतिहास का हिस्सा बन जाएगा। सरकार की योजना (National Highway Travel) के मुताबिक, साल 2026 के अंत तक पूरे भारत में एक ऐसी उन्नत प्रणाली लागू कर दी जाएगी, जहां वाहनों को अपनी गति धीमी करने या टोल भुगतान के लिए रुकने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि यात्रा को भी सुगम बनाएगा।

India Multi Lane Free Flow Toll System
India Multi Lane Free Flow Toll System
WhatsApp Group Join Now

वार्षिक फास्टैग पास: नियमित यात्रियों के लिए वरदान

नियमित रूप से हाईवे का उपयोग करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने 15 अगस्त को वार्षिक फास्टैग पास की शुरुआत की थी। इस योजना को जनता का जबरदस्त समर्थन मिला है और अगस्त से अब तक लगभग 40 लाख (Annual Fastag Pass) जारी किए जा चुके हैं। मात्र 3,000 रुपये के वार्षिक शुल्क पर निजी कार मालिक देशभर के 200 चुनिंदा टोल प्लाजा से असीमित बार गुजर सकते हैं। हालांकि, इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए वाहन में एक सक्रिय फास्टैग होना अनिवार्य है। यह योजना दिखाती है कि कैसे सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देकर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम कर रही है।

2026 तक बैरियर मुक्त होगा देश का हर टोल प्लाजा

नितिन गडकरी के विजन के अनुसार, वर्तमान टोल संग्रह प्रणाली जिसमें फास्टैग स्कैनिंग के लिए भी वाहनों को कतार में लगना पड़ता है, उसे पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी है। इसकी जगह (AI Based Toll Collection) सिस्टम लिया जाएगा, जो पूरी तरह से बैरियर-मुक्त होगा। यह तकनीक देश के सभी 1,050 टोल प्लाजा पर स्थापित की जाएगी, जिसमें सरकारी और निजी दोनों तरह के टोल बूथ शामिल हैं। सबसे क्रांतिकारी बदलाव यह होगा कि वाहन 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बिना अपनी गति कम किए टोल क्रॉस कर सकेंगे और शुल्क अपने आप कट जाएगा।

ईंधन की भारी बचत और राजस्व में होगा जबरदस्त इजाफा

इस नई तकनीक के लागू होने से न केवल आम आदमी का समय बचेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा होने वाला है। सरकार का अनुमान है कि टोल पर वाहनों के रुकने और फिर से स्टार्ट होने की प्रक्रिया बंद होने से हर साल लगभग 1,500 करोड़ रुपये के (Fuel Saving Benefits) की प्राप्ति होगी। इसके अलावा, पारदर्शी और स्वचालित प्रणाली होने के कारण टोल राजस्व में भी करीब 6,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। यह सिस्टम भ्रष्टाचार की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म कर देगा, क्योंकि इसमें मानवीय हस्तक्षेप न के बराबर होगा।

विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रतिदिन 60 किमी सड़क का लक्ष्य

नितिन गडकरी ने भारत के सड़क बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर ले जाने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने बताया कि सरकार अब हाईवे निर्माण की गति को बढ़ाकर 60 किलोमीटर प्रतिदिन (Highway Construction Speed) तक ले जाने की दिशा में काम कर रही है। यह लक्ष्य भारत की कनेक्टिविटी को एक नई दिशा देगा। बेहतर सड़कें न केवल यात्रा का समय कम करती हैं, बल्कि व्यापार और रसद (लॉजिस्टिक्स) की लागत को भी कम करने में सहायक होती हैं, जो अंततः देश के विकास में योगदान देती हैं।

भारत को ग्लोबल ऑटोमोबाइल हब बनाने का विशाल दृष्टिकोण

सड़कों के जाल के साथ-साथ सरकार की नजर भारत को दुनिया का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बनाने पर भी है। अगले आठ से दस वर्षों का रोडमैप तैयार करते हुए गडकरी ने कहा कि (Indian Automobile Sector) को मौजूदा 22 लाख करोड़ रुपये के स्तर से उठाकर अमेरिका और चीन जैसे दिग्गजों के मुकाबले खड़ा करना है। इस समय अमेरिका का ऑटो सेक्टर 78 लाख करोड़ रुपये का है, और भारत तेजी से उस दिशा में कदम बढ़ा रहा है। नई टोल नीतियों और बेहतर सड़कों से वाहनों की मांग और परिचालन में अभूतपूर्व वृद्धि होने की संभावना है।

कृषि और जीडीपी का अटूट संबंध

केवल बुनियादी ढांचे का विकास ही काफी नहीं है, बल्कि सरकार का मानना है कि देश की आर्थिक मजबूती के लिए कृषि क्षेत्र की प्रगति भी उतनी ही अनिवार्य है। केंद्रीय मंत्री ने रेखांकित किया कि जब (Agricultural Growth India) और औद्योगिक विकास एक साथ चलेंगे, तभी देश की जीडीपी में टिकाऊ वृद्धि देखने को मिलेगी। सड़क और परिवहन के माध्यम से किसानों की पहुंच मंडियों तक आसान बनाना भी इस पूरी योजना का एक मुख्य हिस्सा है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को शहरी विकास के साथ जोड़ा जा सके।

भविष्य की राह: तकनीक और पारदर्शिता का संगम

आने वाले दो वर्षों में भारत की सड़कों की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है। अत्याधुनिक एआई तकनीक, जीपीएस आधारित टोलिंग और (Digital India Infrastructure) का यह मेल भारत को एक आधुनिक राष्ट्र की श्रेणी में अग्रणी बनाएगा। यात्रियों के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा होगा कि वे बिना किसी रुकावट के हजारों किलोमीटर का सफर तय कर सकेंगे। गडकरी का यह भरोसा कि 2026 तक तस्वीर बदल जाएगी, करोड़ों देशवासियों के लिए एक बड़ी उम्मीद लेकर आया है, जो हर दिन टोल की लंबी लाइनों से जूझते हैं।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.