Diplomacy – फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर रवाना हुए प्रधानमंत्री मोदी
Diplomacy – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने बहुचर्चित यूरोपीय दौरे पर रवाना हो गए। इस यात्रा के दौरान वह फ्रांस और स्लोवाकिया में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। दौरे का केंद्र बिंदु द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, आर्थिक सहयोग बढ़ाना, नवाचार को प्रोत्साहन देना और वैश्विक मुद्दों पर साझेदारी को आगे बढ़ाना रहेगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ उनकी प्रस्तावित मुलाकात को विशेष महत्व दिया जा रहा है, जहां रक्षा और रणनीतिक सहयोग सहित कई अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री ने साझा की यात्रा की रूपरेखा
यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि अगले कुछ दिनों में वह फ्रांस और स्लोवाकिया में विभिन्न द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के साथ आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी संबंधों को नई गति देना है। साथ ही भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से संवाद भी उनके कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा।
नीस में नवाचार और रणनीतिक साझेदारी पर फोकस
फ्रांस यात्रा की शुरुआत नीस शहर से होगी, जहां प्रधानमंत्री मोदी ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस आयोजन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहेंगे। भारत और फ्रांस द्वारा मनाए जा रहे ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष’ के तहत यह कार्यक्रम स्टार्टअप, तकनीक और नवाचार क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने का प्रयास माना जा रहा है।
मैक्रों के साथ होगी महत्वपूर्ण वार्ता
14 जून को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। इस दौरान दोनों नेता भारत-फ्रांस संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे। रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और निवेश जैसे विषयों पर बातचीत होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी चर्चा की जा सकती है।
स्लोवाकिया दौरे का ऐतिहासिक महत्व
फ्रांस प्रवास के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया की यात्रा करेंगे। यह दौरा इसलिए भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक यात्रा होगी। वहां प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष रॉबर्ट फिको से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे।
व्यापार और निवेश पर विशेष ध्यान
स्लोवाकिया यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल उद्योग, रेलवे विनिर्माण और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा दोनों देशों के आर्थिक और औद्योगिक संबंधों को नई दिशा देने में सहायक हो सकती है।
जी-7 शिखर सम्मेलन में भी होगी भागीदारी
यूरोप दौरे के अगले चरण में प्रधानमंत्री मोदी फिर फ्रांस लौटेंगे और एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरान वह जी-7 सदस्य देशों के नेताओं, साझेदार राष्ट्रों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। सम्मेलन में आर्थिक विकास, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषय प्रमुख रह सकते हैं।
पेरिस में होंगे कई अहम कार्यक्रम
दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी पेरिस जाएंगे, जहां वह विभिन्न द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेने के साथ-साथ विवाटेक शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे। यह आयोजन यूरोप के प्रमुख तकनीकी और स्टार्टअप कार्यक्रमों में गिना जाता है। इसके अलावा उनके भारतीय समुदाय को संबोधित करने की भी संभावना है। विदेश मंत्रालय का मानना है कि यह दौरा यूरोप के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।