Ranchi School News: ठंड के चलते प्रशासन ने स्कूल बंदी पर लिया बड़ा फैसला, जानें कब तक रहेगी छुट्टी…
Ranchi School News: झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे प्रदेश में कुदरत का कहर कड़ाके की ठंड और जानलेवा शीतलहरी के रूप में बरस रहा है। गिरते पारे और बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए रांची जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण (Safety Decision) लिया है। रांची जिले के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों में केजी से लेकर कक्षा 12वीं तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन का यह कदम बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने के लिए उठाया गया है।

येलो जोन में रांची: मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विभाग ने राज्य में अगले आदेश तक भारी ठंड और शीतलहरी का (Orange Alert) जारी करने के साथ ही रांची को ‘येलो जोन’ की श्रेणी में रखा है। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले दिनों में पारा और अधिक गिर सकता है और कनकनी बढ़ सकती है। इसी विशेष बुलेटिन के आधार पर प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सके।
स्कूल बंदी का नया शेड्यूल और नियम
जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, 5 जनवरी से 6 जनवरी 2026 तक सभी विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। हालांकि, आदेश में (School Management) को कुछ विशेष रियायतें भी दी गई हैं। यदि किसी स्कूल में पहले से ही कोई परीक्षा निर्धारित है, तो उसका संचालन प्रबंधन अपने विवेकानुसार कर सकता है। इसके अलावा, 10वीं और 12वीं की कक्षाओं के संचालन को लेकर भी स्कूलों को आवश्यक और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की छूट दी गई है ताकि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित न हो।
सरकारी स्कूलों के लिए विशेष निर्देश
झारखंड के सरकारी स्कूल पहले से ही शीतकालीन अवकाश के चलते 5 जनवरी तक बंद थे, लेकिन अब यह अवधि बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 6 जनवरी को स्कूल भले ही बच्चों के लिए बंद रहेंगे, लेकिन (Government Teachers) के लिए स्कूल खुले रहेंगे। सभी शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित होकर eVV पोर्टल पर अपनी डिजिटल हाजिरी दर्ज करनी होगी। इस दौरान शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों, जैसे रिकॉर्ड संधारण और आगामी सत्र की योजना बनाने का काम पूरा करेंगे।
बच्चों के स्वास्थ्य पर गहराता खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह के समय चलने वाली बर्फीली हवाएं बच्चों के श्वसन तंत्र और प्रतिरोधी क्षमता पर बुरा असर डालती हैं। इसी (Health Risk) को भांपते हुए जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधनों को आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई विद्यालय आदेश की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इस हाड़ कंपाने वाली ठंड में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा साबित हो रहा था।
आगामी दिनों के लिए सतर्कता की अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर नजर रखें और अत्यधिक ठंड से बचाव के लिए (Cold Wave Safety) के उपायों को अपनाएं। अलाव का सहारा लेने और गरम कपड़ों की परतों में रहने की सलाह दी गई है। रांची के साथ-साथ राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह के कड़े कदम उठाए जाने की संभावना है, क्योंकि शीतलहरी का प्रकोप अभी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। फिलहाल, 6 जनवरी तक स्कूल बंद रहने से बच्चों को बड़ी राहत मिली है।



