KurmiRally – रांची में एक मार्च को कुड़मी अधिकार रैली
KurmiRally – झारखंड में आदिवासी और कुड़मी समाज के बीच अधिकारों को लेकर चल रही बहस एक बार फिर तेज हो गई है। इसी क्रम में एक मार्च 2026 को रांची के धुर्वा स्थित प्रभाततारा मैदान में कुड़मी अधिकार रैली आयोजित की जाएगी। आयोजन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि इसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है और विभिन्न जिलों में समाज के लोगों को शामिल होने के लिए सूचना भेजी जा चुकी है। रैली को लेकर राज्य के कई कुड़मी बहुल इलाकों में बैठकें भी आयोजित की गई हैं।

तैयारियों को अंतिम रूप
झारखंड कुड़मी समन्वय समिति के मुख्य संयोजक शीतल ओहदार ने बताया कि प्रस्तावित रैली को व्यापक रूप देने के लिए गांव-गांव संपर्क अभियान चलाया गया है। उनके अनुसार, समाज के युवाओं ने प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी संभाली है और लोगों को कार्यक्रम स्थल तक लाने के लिए स्थानीय स्तर पर समन्वय किया जा रहा है। इस आयोजन में झारखंड के 18 कुड़मी नामधारी संगठनों की भागीदारी बताई जा रही है। समिति का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग रैली में पहुंचेंगे।
आवागमन और व्यवस्था की तैयारी
रैली में आने वाले लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए विभिन्न प्रमुख स्थानों पर स्वयंसेवकों की तैनाती की योजना बनाई गई है। विकास चौक, नया साराय मोड़, टुंढुल महतो चौक, सीटीओ मोड़, रिंग रोड, तुपुदाना चौक और रामपुर चौक जैसे स्थानों पर मार्गदर्शन की व्यवस्था रहेगी। प्रभाततारा मैदान तक पहुंचने के लिए रूट मैप भी तैयार किया गया है। आयोजकों के मुताबिक, संबंधित थाना और टोल टैक्स प्राधिकरणों को भी कार्यक्रम की सूचना लिखित रूप से दी गई है ताकि यातायात में कोई बाधा न आए।
समाज से की गई अपील
शीतल ओहदार ने समाज के लोगों से अपील की है कि वे पारंपरिक वेशभूषा में रैली में शामिल हों और अपने वाहनों पर पीला झंडा लगाएं। उन्होंने लोगों को अपने साथ पीला गमछा, पीने का पानी और हल्का नाश्ता रखने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक या नकारात्मक सूचना पर ध्यान न दें। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल अधिकार संबंधी मांगों को लेकर केंद्रित है और इसका किसी अन्य समुदाय, जाति या धर्म से कोई टकराव नहीं है।
मीडिया और प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा
समिति ने मीडिया से भी आग्रह किया है कि कार्यक्रम को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत किया जाए। उनका कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक समन्वय किया गया है ताकि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे। आयोजकों का दावा है कि रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न होगी।
स्थल का निरीक्षण
कार्यक्रम से पहले एक निगरानी टीम ने प्रभाततारा मैदान का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण दल में सखीचंद महतो, अधिवक्ता मिथलेश कुमार महतो, संदीप महतो और समाजसेवी धर्म दयाल साहू शामिल थे। टीम ने मंच, भीड़ प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की। आयोजकों के अनुसार, रैली के माध्यम से समाज अपनी मांगों को व्यवस्थित ढंग से सामने रखेगा।
आगामी रैली को लेकर राज्य की राजनीति में भी हलचल देखी जा रही है। फिलहाल आयोजक बड़ी संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रहे हैं। एक मार्च को प्रभाततारा मैदान में होने वाले इस कार्यक्रम पर प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।



