JharkhandNaxalIssue – राज्य में सक्रिय माओवादी अब सीमित, सरकार ने विधानसभा में दी जानकारी
JharkhandNaxalIssue – झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नक्सल गतिविधियों को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सत्र के नौवें दिन विधायक सरयू राय द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि राज्य में पिछले दशक की तुलना में माओवादियों की संख्या काफी घट गई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की सरेंडर पॉलिसी के कारण कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जिससे स्थिति पहले की अपेक्षा बेहतर हुई है।

राज्य में सक्रिय नक्सलियों की संख्या हुई कम
सरयू राय ने सारंडा क्षेत्र में नक्सली घटनाओं और वहां चल रहे सुरक्षा अभियानों को लेकर सवाल उठाया था। इसके जवाब में सरकार ने बताया कि केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी है। सरकार के मुताबिक फिलहाल झारखंड में करीब 55 माओवादी सक्रिय हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक अभियान के दौरान 17 नक्सली मारे जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान बरामद दस्तावेजों से भी यह संकेत मिला है कि संगठन की पकड़ पहले की तुलना में कमजोर पड़ी है।
लगातार अभियान से घटा प्रभाव
सरकार का कहना है कि बीते वर्षों में सुरक्षा बलों ने कई इलाकों में लगातार अभियान चलाए हैं। इन अभियानों के कारण नक्सली संगठनों की गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार की सरेंडर नीति भी प्रभावी साबित हुई है, जिसके चलते कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन अपनाने का फैसला किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जो लोग भटककर नक्सल गतिविधियों से जुड़े हैं, उन्हें जल्द से जल्द मुख्यधारा में वापस लाया जाए।
सारंडा क्षेत्र को लेकर विधायक ने उठाए सवाल
विधानसभा में चर्चा के दौरान विधायक सरयू राय ने सरकार के जवाब पर पूरक प्रश्न भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी गई जानकारी अधूरी है और विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। उन्होंने पूछा कि सारंडा क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों के पीछे मुख्य कारण क्या हैं।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या खनन गतिविधियों, बेरोजगारी या अन्य सामाजिक-आर्थिक कारणों से वहां नक्सल प्रभाव बना हुआ है। साथ ही उन्होंने यह जानना चाहा कि क्षेत्र में आईईडी विस्फोट की घटनाओं को देखते हुए क्या संवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया गया है।
सरकार ने दिया विस्तृत जानकारी का आश्वासन
प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने जवाब में कहा कि संबंधित जानकारी अनुलग्नक के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि माओवाद राज्य के लिए चिंता का विषय रहा है, लेकिन इस पर नियंत्रण के लिए सुरक्षा बल लगातार सक्रिय हैं।
मंत्री ने कहा कि नक्सली संगठन समय-समय पर अपनी रणनीति बदलते रहते हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई भी लगातार चलती रहती है। सारंडा सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा विशेष अभियान जारी है।
2024 से अब तक कई नक्सली मारे गए और गिरफ्तार
बाद में सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण में बताया गया कि एक जनवरी 2024 से अब तक राज्य में 28 नक्सली मारे जा चुके हैं। इसके अलावा अभियान के दौरान 48 माओवादियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
सरकार का कहना है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास योजनाओं के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही प्रशासन का ध्यान इस बात पर भी है कि स्थानीय लोगों को रोजगार और विकास के अवसर मिलें, ताकि नक्सल प्रभाव को स्थायी रूप से समाप्त किया जा सके।



