CrimeCase – हजारीबाग में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले पर सख्त हुआ हाईकोर्ट
CrimeCase – झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस संवेदनशील मामले पर झारखंड हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर जांच में देरी को लेकर जवाब तलब किया है। साथ ही पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

कोर्ट ने मामले की गंभीरता को माना बेहद संवेदनशील
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों ने मामले की गंभीरता को और स्पष्ट किया। कोर्ट ने यह माना कि यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल है। न्यायालय ने साफ किया कि इस तरह के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।
वकील ने घटना को बताया अत्यंत भयावह
मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता हेमंत शिकरवार ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत क्रूर और झकझोर देने वाली है। उन्होंने इसे समाज के लिए गंभीर चेतावनी बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं मानवता को शर्मसार करती हैं और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
पुलिस ने दी जांच की प्रगति की जानकारी
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक ने अदालत को बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया है, जो मामले की हर पहलू से जांच कर रहा है। हालांकि, घटना के छह दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर कोर्ट ने चिंता व्यक्त की है।
राम नवमी के दिन हुई घटना, अगले दिन मिला शव
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना राम नवमी के अवसर पर निकली शोभायात्रा के दौरान हुई। पीड़िता कार्यक्रम देखने गई थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। परिवार और स्थानीय लोगों ने रातभर तलाश की, जिसके बाद अगले दिन उसका शव झाड़ियों में बरामद हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया था।
घटना के बाद इलाके में बढ़ा आक्रोश
इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को उठाया है और न्याय की मांग तेज हो गई है। भाजपा ने इस घटना के विरोध में हजारीबाग बंद का आह्वान किया है।
हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश
हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पीड़िता के परिवार को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए और जांच में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए। अदालत ने यह भी कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। समाज और प्रशासन दोनों के लिए यह एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने जरूरी हैं।



