BudgetSession – 18 फरवरी से शुरू होगा झारखंड विधानसभा सत्र
BudgetSession – झारखंड विधानसभा के पंचम बजट सत्र की तैयारियों को लेकर मंगलवार को रांची में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आगामी बजट सत्र 18 फरवरी से प्रारंभ होकर 19 मार्च तक चलेगा। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सत्र का संचालन व्यवस्थित, पारदर्शी और गरिमापूर्ण ढंग से हो सके।

मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी
विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी शामिल हुए। दोनों नेताओं ने सत्र के सुचारु संचालन को लेकर अपने-अपने सुझाव रखे। बताया गया कि बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सदन की कार्यवाही लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप हो और सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिले।
बैठक के दौरान इस बात पर सहमति बनी कि बजट सत्र राज्य की वित्तीय दिशा तय करने का महत्वपूर्ण अवसर होता है, इसलिए इसकी तैयारी में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
तैयारियों की समीक्षा और दिशा-निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही में बाधा न आए, इसके लिए प्रशासनिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर समुचित तैयारी जरूरी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और इसकी मर्यादा बनाए रखना सभी दलों और सदस्यों की जिम्मेदारी है। अनुशासन और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया।
सरकार ने सुझावों पर विचार का भरोसा दिया
बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी दलों ने रचनात्मक सुझाव दिए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी और सहयोग की भावना से आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बजट सत्र राज्य के विकास से जुड़े अहम निर्णयों का मंच है, इसलिए सभी पक्षों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
समन्वय और सुरक्षा पर चर्चा
बैठक में संसदीय कार्य मंत्री ने विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विधेयक, योजनाएं और प्रस्ताव व्यवस्थित ढंग से सदन के समक्ष रखे जाएं। दस्तावेजों की तैयारी, प्रश्नोत्तर और अन्य प्रक्रियाओं में समयबद्धता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में आवश्यक प्रबंधों की समीक्षा की गई, ताकि सत्र के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो। प्रशासनिक समन्वय, दस्तावेजों की उपलब्धता और विभागीय जवाबदेही जैसे विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई।
बजट सत्र की अहमियत
18 फरवरी से शुरू होकर 19 मार्च तक चलने वाला यह सत्र राज्य की वित्तीय नीतियों और विकास योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश करेगी और विभिन्न विभागों की योजनाओं पर चर्चा होगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह सत्र महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठा सकता है, वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं का खाका पेश करेगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य सकारात्मक भूमिका निभाएंगे और सदन की कार्यवाही को सार्थक बनाएंगे।



