Venezuela – विपक्षी सहयोगी के अपहरण से बढ़ा राजनीतिक तनाव, सवालों में सरकार
Venezuela – काराकास में सत्ता और विपक्ष के बीच पहले से चल रही खींचतान एक नए मोड़ पर पहुँच गई है, जब वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि जेल से रिहाई के कुछ ही घंटों बाद उनके बेहद करीबी सहयोगी का अपहरण कर लिया गया। सोमवार को जारी उनके बयान ने राजधानी में सुरक्षा, राजनीतिक प्रतिशोध और नागरिक स्वतंत्रताओं को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। मचाडो ने कहा कि यह घटना महज एक व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि विपक्ष को डराने-धमकाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है।

आधी रात की कार्रवाई और मचाडो के आरोप
मचाडो के अनुसार, यह घटना काराकास के एक शांत रिहायशी इलाके में देर रात घटी, जब जुआन पाब्लो गुआनिपा अपने घर के पास मौजूद थे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विस्तार से बताया कि चार वाहनों में सवार, भारी हथियारों से लैस लोग सादे कपड़ों में आए और जबरन उन्हें अपने साथ ले गए। मचाडो ने इसे “सुनियोजित जबरदस्ती” बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की। उनके बयान के बाद विपक्षी समर्थकों में चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं।
रिहाई, दबाव और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार ने रविवार को कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को जेल से रिहा किया था। इन लोगों को अलग-अलग राजनीतिक गतिविधियों के आरोप में महीनों या वर्षों पहले हिरासत में लिया गया था। विश्लेषकों का मानना है कि यह रिहाई बढ़ते घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दबाव का परिणाम है, खासकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के प्रतिनिधियों की हालिया वेनेजुएला यात्रा के बाद। मानवाधिकार समूह लंबे समय से राजनीतिक बंदियों की रिहाई की मांग कर रहे थे, जिससे यह कदम आंशिक रूप से सुलह का संकेत माना जा रहा था।
सरकार की चुप्पी और सत्ता का संक्रमण
सोमवार सुबह जब मीडिया ने इस अपहरण पर आधिकारिक प्रतिक्रिया मांगी, तो सरकार के प्रेस कार्यालय से तत्काल कोई बयान नहीं आया। यह चुप्पी विपक्ष के लिए और सवाल खड़े कर रही है। इस बीच, देश की राजनीतिक संरचना पहले से ही अस्थिर बनी हुई है, क्योंकि 3 जनवरी को अमेरिकी सेना द्वारा तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। उनकी सरकार ने कुछ ही दिनों में चरणबद्ध तरीके से कैदियों की रिहाई शुरू की, लेकिन विपक्ष का कहना है कि एक हाथ से रिहाई और दूसरे हाथ से डर का माहौल बनाया जा रहा है।
जेल के बाहर उम्मीद और नारे
रविवार को काराकास की एक प्रमुख जेल के बाहर सैकड़ों लोग अपने प्रियजनों की रिहाई का इंतजार करते देखे गए। कई परिवार घंटों तक गेट के पास खड़े रहे। जैसे-जैसे रिहाई की खबरें आईं, भीड़ ने “हम नहीं डरते! हम नहीं डरते!” के नारे लगाए और कुछ दूरी तक शांतिपूर्ण मार्च भी किया। इन दृश्यों ने वेनेजुएला में नागरिक समाज की जिद और उम्मीद दोनों को उजागर किया, भले ही राजनीतिक हालात कितने ही कठिन क्यों न हों।
गुआनिपा की रिहाई और लोकतंत्र पर भरोसा
जुआन पाब्लो गुआनिपा, जिन्होंने हिरासत में आठ महीने से अधिक समय बिताया, ने रिहाई के कुछ घंटों बाद पत्रकारों से बातचीत में संयमित लेकिन आशावादी रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि देश निर्णायक बदलाव के दौर से गुजर रहा है और अब सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक वेनेजुएला के निर्माण में योगदान दें। हालांकि, उनकी कथित अगवा की घटना ने इस भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह दिखाया है कि सुधार की राह अभी भी बेहद चुनौतीपूर्ण है।



