अंतर्राष्ट्रीय

USSenate – ईरान में स्कूल पर एयरस्ट्राइक को लेकर पेंटागन से मांगा जवाब

USSenate – अमेरिका में कई सीनेटरों ने ईरान में हुए एक एयरस्ट्राइक को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस हमले में एक स्कूल को निशाना बनाए जाने की खबरों के बाद 40 से अधिक अमेरिकी सीनेटरों ने पेंटागन को पत्र लिखकर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। सांसदों ने कहा है कि घटना में बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत की खबर सामने आई है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

पत्र में बताया गया कि 28 फरवरी को हुए सैन्य हमलों के दौरान ईरान के मिनाब क्षेत्र में स्थित एक लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय पर कथित रूप से बमबारी हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में कई लोगों की जान गई, जिनमें अधिकांश छात्राएं बताई जा रही हैं। इस घटना के बाद अमेरिकी संसद के कई सदस्यों ने रक्षा मंत्रालय से विस्तृत जानकारी देने की मांग की है।

रक्षा मंत्री को भेजा गया औपचारिक पत्र

अमेरिकी सीनेटरों के समूह ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को संबोधित पत्र में कहा कि बच्चों के एक स्कूल पर हुई एयरस्ट्राइक को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पेंटागन से स्पष्ट करने को कहा है कि इस हमले की परिस्थितियां क्या थीं और लक्ष्य निर्धारण की प्रक्रिया किस तरह की गई थी।

इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में सीनेटर क्रिस वैन होलेन, टिम केन, एलिजाबेथ वॉरेन और ब्रायन शैट्ज प्रमुख हैं। इसके अलावा सीनेट के डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर सहित 40 से अधिक सांसदों ने इस पहल का समर्थन किया है।

कांग्रेस की अनुमति का मुद्दा भी उठाया

सीनेटरों ने अपने पत्र में यह सवाल भी उठाया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई किस आधार पर शुरू की गई। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े सैन्य अभियान से पहले कांग्रेस की अनुमति आवश्यक होती है और इस प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

सांसदों ने यह भी कहा कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में अमेरिका और उसके सहयोगियों को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। उनके अनुसार यदि नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचा है तो इसकी जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है।

स्कूल हमले की जांच की मांग

पत्र में मांग की गई है कि मिनाब में हुए हमले की तुरंत स्वतंत्र जांच कराई जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि जांच के नतीजों को सार्वजनिक किया जाए ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।

सीनेटरों का कहना है कि यदि किसी सैन्य कार्रवाई में नागरिकों को नुकसान पहुंचा है तो उसके लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा है कि संबंधित घटना की समीक्षा की जा रही है और उपलब्ध सूचनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है।

नागरिकों को नुकसान पहुंचने पर चिंता

मिनाब की घटना के अलावा सांसदों ने युद्ध के दौरान आम नागरिकों के बढ़ते नुकसान पर भी चिंता जताई है। पत्र में कहा गया है कि कई रिपोर्टों में अस्पतालों, सांस्कृतिक स्थलों और जरूरी आधारभूत ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।

सांसदों के अनुसार बड़े शहरों और घनी आबादी वाले इलाकों में विस्फोटक हथियारों के इस्तेमाल से नागरिकों की सुरक्षा को खतरा बढ़ जाता है। इसमें ईरान की राजधानी तेहरान जैसे शहर भी शामिल हैं, जहां बड़ी आबादी रहती है।

नागरिक हताहतों के आंकड़ों का उल्लेख

सीनेटरों ने एक मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 10 मार्च तक संघर्ष में बड़ी संख्या में नागरिक प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि तक 1,200 से अधिक आम लोगों की मौत और हजारों लोगों के घायल होने की सूचना है।

हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी भी अलग-अलग स्रोतों द्वारा की जा रही है। सांसदों ने कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

सैन्य लक्ष्य और तकनीक के उपयोग पर सवाल

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि जिस स्कूल को नुकसान पहुंचा, वह एक नौसैनिक अड्डे के पास स्थित था। इस कारण सांसदों ने पेंटागन से पूछा है कि क्या इस स्थान को सैन्य लक्ष्य मानकर हमला किया गया था और लक्ष्य की पहचान के लिए किस प्रकार का विश्लेषण किया गया।

इसके साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि क्या हमले की योजना बनाने या लक्ष्य तय करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों का उपयोग किया गया था। यदि ऐसा हुआ है तो यह सुनिश्चित करने के लिए कौन से सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे कि नागरिक ठिकानों को नुकसान न पहुंचे।

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