USIranConflict – ट्रंप ने ईरान पर नई सैन्य कार्रवाई का किया दावा
USIranConflict – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक और सैन्य कार्रवाई की है। उनके अनुसार यह अभियान उन तीन अमेरिकी सैनिकों की स्मृति में चलाया गया, जिनके मारे जाने की आशंका जताई गई है। ट्रंप ने कहा कि इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है। हालांकि, उन्होंने सैनिकों की पहचान, घटना के स्थान या सैन्य अभियान से जुड़े विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किए। इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।

सैन्य क्षमता को लेकर किया बड़ा दावा
व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान को हालिया कार्रवाई में गंभीर सैन्य क्षति हुई है। उनके मुताबिक ईरान की सैन्य ताकत पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुकी है और उसके पास सीमित संख्या में मिसाइलें, ड्रोन तथा रक्षा उत्पादन की क्षमता बची है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अमेरिकी सैनिकों का उन्होंने उल्लेख किया, वे राष्ट्रीय सुरक्षा और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के उद्देश्य से अपने दायित्व निभा रहे थे।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी दिया बयान
ट्रंप ने बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य का भी जिक्र किया और दावा किया कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अब ईरान का प्रभाव नहीं रहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र की स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है। हालांकि, इस संबंध में किसी सैन्य एजेंसी या अंतरराष्ट्रीय संगठन की ओर से अलग से कोई पुष्टि नहीं की गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस इसी मार्ग से होकर गुजरती है।
कनाडा के जंगलों में लगी आग पर भी जताई चिंता
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कनाडा के जंगलों में लगी आग से उठने वाले धुएं के अमेरिका तक पहुंचने पर चिंता व्यक्त की। ट्रंप के अनुसार उन्होंने कनाडा से आग पर जल्द नियंत्रण पाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया और जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सहायता की पेशकश भी की। बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थिति का असर अमेरिका पर जारी रहता है तो इस मुद्दे पर आर्थिक विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास किसी प्रकार का सैन्य टकराव होता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। इस समुद्री मार्ग से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है, इसलिए यहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक कीमतों को प्रभावित कर सकती है। भारत सहित कई ऊर्जा आयातक देश इस मार्ग पर निर्भर हैं, ऐसे में क्षेत्रीय घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की लगातार नजर बनी हुई है।