US Venezuela Conflict News: खामोश आसमान से बरसी आग, वेनेजुएला में CIA का पहला ड्रोन हमला और अमेरिका की नई जंग
US Venezuela Conflict News: दक्षिण अमेरिका के राजनीतिक गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया जब यह खबर आई कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA Drone Strike) ने वेनेजुएला की संप्रभु जमीन पर एक बड़ा हमला किया है। यह पहली बार है जब अमेरिका ने वेनेजुएला की सीमा के भीतर घुसकर किसी ऑपरेशन को अंजाम दिया है। अब तक दोनों देशों के बीच तनाव केवल बयानों और समुद्र में छोटी झड़पों तक सीमित था, लेकिन इस ड्रोन हमले ने संघर्ष को एक खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है।

ड्रग्स तस्करी के प्रमुख डॉक को बनाया गया निशाना
खुफिया सूत्रों और पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला वेनेजुएला के एक रणनीतिक डॉक (बंदरगाह के पास का हिस्सा) पर किया गया। बताया जा रहा है कि इस जगह का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय (Drug Trafficking) के लिए मुख्य केंद्र के रूप में किया जा रहा था। सीआईए के ड्रोनों ने उन ठिकानों को सटीक निशाना बनाया जहाँ से नशीली दवाओं की बड़ी खेप विदेशों में भेजी जाती थी। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य मादुरो सरकार के राजस्व के अवैध स्रोतों को नष्ट करना है।
गुप्त मिशन की जानकारी देने वाले अधिकारियों का खुलासा
इस पूरे ऑपरेशन को अत्यंत गोपनीय रखा गया था, लेकिन दो अनाम सूत्रों ने, जो इस मिशन से सीधे जुड़े थे, इसकी पुष्टि की है। उनके अनुसार, यह (Covert Operation) पिछले हफ्ते अंजाम दिया गया। हालांकि मामला संवेदनशील होने के कारण इन अधिकारियों ने अपनी पहचान उजागर नहीं की है, लेकिन उनके दावे ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सनसनी फैला दी है। अमेरिका की इस कार्रवाई को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ाने की एक बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति मादुरो की रहस्यमयी चुप्पी ने सबको चौंकाया
आमतौर पर अपनी संप्रभुता पर किसी भी आंच आने पर तीखी प्रतिक्रिया देने वाली वेनेजुएला सरकार इस बार पूरी तरह खामोश है। ड्रोन हमले जैसे बड़े मुद्दे पर (Government Silence) ने विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। मादुरो ने अपने हालिया एक घंटे के लंबे भाषण में, जो उन्होंने महिलाओं के एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में दिया था, इस हमले का जिक्र तक नहीं किया। यह चुप्पी या तो किसी बड़ी जवाबी कार्रवाई की तैयारी है या फिर अंदरूनी कमजोरी का संकेत।
डोनाल्ड ट्रंप के रेडियो इंटरव्यू ने दिए बड़े संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि सीधे तौर पर तो नहीं की, लेकिन एक रेडियो इंटरव्यू में उन्होंने इसके स्पष्ट संकेत दिए। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि अमेरिका ने एक ऐसी जगह को तबाह कर दिया है जहाँ से संदिग्ध जहाजों की आवाजाही होती थी। (Presidential Statement) की यह शैली ट्रंप के आक्रामक रुख को दर्शाती है, जहाँ वे बिना नाम लिए अपने दुश्मनों को कड़ी चेतावनी दे रहे हैं।
मार-ए-लागो में इस्राइली प्रधानमंत्री के सामने बड़ा दावा
फ्लोरिडा स्थित अपने आवास मार-ए-लागो में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने इस हमले पर और अधिक रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर हमला हुआ, वहाँ (Narcotics Loading) का काम बड़े पैमाने पर चलता था। हालांकि, व्हाइट हाउस और सीआईए ने इस पर कोई भी अतिरिक्त विवरण देने से मना कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह सेना का ऑपरेशन था या पूरी तरह सीआईए की खुफिया कार्रवाई।
कैरिबियन समुद्र में महीनों से चल रही थी घेराबंदी
यह ड्रोन हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि अगस्त से चल रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा है। अमेरिका ने कैरिबियन समुद्र में अपने जंगी जहाजों और सैनिकों की भारी तैनाती कर रखी है। (Maritime Security) के नाम पर अब तक करीब 30 से ज्यादा बार समुद्र में ड्रग्स ले जा रही नावों को निशाना बनाया जा चुका है। तेल टैंकरों को रोकने के आदेश के बाद अब सीधा हवाई हमला अमेरिका की बदलती युद्ध नीति का हिस्सा है।
सीआईए को गुप्त कार्रवाई की खुली छूट
राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने सीआईए को वेनेजुएला के भीतर ऑपरेशन करने की पूरी आजादी दी है। इस (Direct Intervention) की अनुमति मिलने के बाद से ही खुफिया एजेंसियां मादुरो सरकार के करीबी ठिकानों की निगरानी कर रही थीं। अमेरिका का मानना है कि जब तक जमीनी ठिकानों को नष्ट नहीं किया जाता, तब तक ड्रग्स के अवैध कारोबार पर लगाम लगाना नामुमकिन है।
निकोलस मादुरो पर $50 मिलियन का भारी इनाम
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच विवाद की जड़ें बहुत गहरी हैं। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर अमेरिका ने ड्रग तस्करी और आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। अमेरिका ने उनकी गिरफ्तारी की सूचना देने वाले को (Bounty Reward) के रूप में 50 मिलियन डॉलर देने की घोषणा कर रखी है। मादुरो ने हमेशा इन आरोपों को मनगढ़ंत बताया है, लेकिन ताजा ड्रोन हमले ने उनके दावों की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भविष्य का संकट और बढ़ता वैश्विक तनाव
वेनेजुएला में हुआ यह हमला आने वाले समय में एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष को जन्म दे सकता है। (Geopolitical Conflict) के जानकार मानते हैं कि अगर अमेरिका इसी तरह सीधे हमले जारी रखता है, तो रूस और चीन जैसे देश भी इस विवाद में कूद सकते हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें वेनेजुएला की अगली चाल पर टिकी हैं। क्या मादुरो इस अपमान का बदला लेंगे या अमेरिकी दबाव के आगे झुक जाएंगे, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।



