UkraineWar – ड्रोन हमलों से यूक्रेन की बिजली व्यवस्था चरमराई, रक्षा प्रणाली पर उठे सवाल
UkraineWar – रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब एक ऐसे चरण में पहुंच चुका है, जहां सैन्य टकराव के साथ-साथ आम नागरिकों का जीवन भी लगातार कठिन होता जा रहा है। रूस की ओर से तेज़ किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचाया है। कड़ाके की सर्दी के बीच बिजली और हीटिंग की कमी ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

हवाई रक्षा को लेकर राष्ट्रपति की खुली स्वीकारोक्ति
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पहली बार सार्वजनिक रूप से माना है कि देश की वायु रक्षा प्रणाली कुछ क्षेत्रों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर किए जा रहे रूसी ड्रोन हमलों को पूरी तरह रोकना चुनौती बना हुआ है। राष्ट्रपति के अनुसार, मौजूदा हालात को देखते हुए रक्षा रणनीतियों में बदलाव और तकनीकी सुधार पर काम किया जा रहा है, ताकि भविष्य में नुकसान को कम किया जा सके।
ऊर्जा ढांचे पर लगातार हो रहे हमले
पिछले कुछ महीनों से रूस यूक्रेन की बिजली आपूर्ति को निशाना बना रहा है। पावर प्लांट, सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइनों पर हुए हमलों के कारण कई शहरों और कस्बों में लंबे समय तक बिजली गुल रही। इसका सीधा असर हीटिंग और पानी की आपूर्ति पर पड़ा है। यह स्थिति ऐसे समय में बनी है, जब देश भीषण ठंड का सामना कर रहा है और तापमान कई इलाकों में शून्य से नीचे चला गया है।
युद्ध का पांचवां साल और शांति की धुंधली राह
यह संघर्ष अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश करने की कगार पर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति प्रयास जारी हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस नतीजे पर सहमति नहीं बन सकी है। अमेरिका की मध्यस्थता से बातचीत की कोशिशें हुई हैं, हालांकि जमीनी हालात में बदलाव नहीं दिख रहा। जेलेंस्की ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच वार्ता के नए दौर हो सकते हैं और इसके लिए अमेरिका संभावित स्थान हो सकता है।
एक ही रात में सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें
यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, रूस ने एक रात में 328 ड्रोन और सात मिसाइलें दागीं। दावा किया गया कि इनमें से बड़ी संख्या में ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर नुकसान हुआ। निप्रोपेत्रोवस्क क्षेत्र में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि दो अन्य घायल हुए। जापोरिज्जिया में आवासीय इमारतों को नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हुए। एक पशु आश्रय स्थल भी हमले की चपेट में आया, जिससे कई जानवरों की मौत हुई।
राजधानी कीव में बिना हीटिंग जीवन
कीव में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। राष्ट्रपति के अनुसार, 1,200 से अधिक रिहायशी इमारतों में कई दिनों से हीटिंग की व्यवस्था ठप है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने भी चेतावनी दी है कि इस सर्दी में यूक्रेन का बिजली नेटवर्क अब तक के सबसे बड़े दबाव का सामना कर रहा है। स्थानीय निवासी बता रहे हैं कि ठंड से बचने के लिए उन्हें घरों में लगातार चलना पड़ रहा है और पानी की कमी ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
रूस पर भी यूक्रेनी जवाबी कार्रवाई
इस बीच रूस ने भी दावा किया है कि उसने यूक्रेनी ड्रोन हमलों को नाकाम किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कई ड्रोन मार गिराए गए, हालांकि कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई। बेलगोरोद और ब्रायंस्क जैसे इलाकों में ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
फ्रंट लाइन पर लगातार जारी संघर्ष
कड़ाके की ठंड के बावजूद दोनों देशों के बीच अग्रिम मोर्चों पर लड़ाई थमी नहीं है। यूक्रेनी सेना के अनुसार, युद्ध का सक्रिय क्षेत्र अब लगभग 1,200 किलोमीटर तक फैल चुका है। आधुनिक ड्रोन तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से खतरे का दायरा भी बढ़ गया है, जिससे सैनिकों और नागरिक इलाकों दोनों पर जोखिम बना हुआ है।



