TrumpSpeech – फोर्ट ब्रैग में सैनिकों को ट्रंप का संबोधन
TrumpSpeech – अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ कैरोलिना स्थित फोर्ट ब्रैग सैन्य अड्डे पर सैनिकों और उनके परिजनों को संबोधित किया। यह अड्डा दुनिया के प्रमुख और बड़े सैन्य ठिकानों में गिना जाता है। अपने संबोधन में ट्रंप ने हाल में वेनेजुएला में हुए विशेष सैन्य अभियान का उल्लेख करते हुए उसमें शामिल अमेरिकी जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई ने दुनिया को अमेरिका की सैन्य क्षमता का स्पष्ट संदेश दिया है।

सैन्य कार्रवाई का जिक्र और संदेश
राष्ट्रपति ने 3 जनवरी को हुई उस कार्रवाई को “साहसिक और निर्णायक” बताया, जिसके तहत वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को काराकास में हिरासत में लिया गया था। ट्रंप के अनुसार, इस अभियान ने यह दिखा दिया कि अमेरिका अपने हितों की रक्षा के लिए किसी भी स्तर तक जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस कदम से संभावित विरोधियों को यह संकेत गया है कि अमेरिका अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर है।
अपने संबोधन में ट्रंप ने सैनिकों से कहा कि वे अपने कर्तव्यों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाते रहे हैं और देश को उन पर गर्व है। उन्होंने दोहराया कि कमांडर इन चीफ के रूप में वे सशस्त्र बलों के साथ खड़े हैं।
जोशीले अंदाज में दिया संदेश
फोर्ट ब्रैग में मौजूद सैनिकों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अपने अभियान के दौरान इस्तेमाल किए गए एक नारे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब आवश्यकता होगी, अमेरिकी सैनिक पूरी ताकत से मुकाबला करेंगे और सफलता हासिल करेंगे। उनके इस बयान पर मौजूद सैनिकों ने तालियों से प्रतिक्रिया दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य अड्डों पर दिए जाने वाले ऐसे भाषण आमतौर पर मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से होते हैं। हालांकि कुछ पर्यवेक्षकों ने इसे राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा, क्योंकि इसमें घरेलू राजनीति के संकेत भी शामिल थे।
सैन्य परिवारों से मुलाकात
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने सैनिकों के परिवारों से भी मुलाकात की। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उनकी सराहना की और सेवा के प्रति उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। अधिकारियों के अनुसार, यह मुलाकात सैनिक समुदाय के प्रति समर्थन दिखाने का हिस्सा थी।
हालांकि कार्यक्रम का माहौल कुछ हद तक राजनीतिक रैली जैसा भी नजर आया। ट्रंप ने मंच पर रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के पूर्व अध्यक्ष माइकल व्हाटली को आमंत्रित किया, जो अब उत्तरी कैरोलिना से सीनेट के लिए चुनावी मैदान में हैं। यह कदम राजनीतिक संदर्भों को और स्पष्ट करता है।
वेनेजुएला अभियान की पृष्ठभूमि
3 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने काराकास में अभियान चलाकर निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया था। इस कार्रवाई के दौरान उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी पकड़ा गया। बाद में दोनों को अमेरिका लाया गया। अमेरिकी प्रशासन ने मादुरो पर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आरोप लगाए हैं, जिनके तहत वे अमेरिकी कानून का सामना कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कार्रवाई पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां अमेरिकी प्रशासन इसे कानून प्रवर्तन की दिशा में आवश्यक कदम बता रहा है, वहीं कुछ देशों ने इसे संप्रभुता से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा माना है।
फोर्ट ब्रैग में दिया गया यह संबोधन ऐसे समय आया है जब अमेरिका की विदेश और रक्षा नीति वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। राष्ट्रपति का यह संदेश स्पष्ट रूप से सैन्य शक्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक नेतृत्व के मुद्दों को केंद्र में रखता है।



