अंतर्राष्ट्रीय

TravelAdvisory – पश्चिम एशिया में तनाव पर यूरोपीय देशों का अलर्ट

TravelAdvisory – पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कई यूरोपीय देशों ने अपने नागरिकों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। सरकारों ने ईरान और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा टालने या वहां मौजूद नागरिकों से सुरक्षित वापसी पर विचार करने को कहा है। हालिया घटनाक्रम और क्षेत्रीय अनिश्चितता को देखते हुए संभावित फ्लाइट रद्द होने, देरी और हवाई क्षेत्र बंद होने की आशंका भी जताई गई है। भारत पहले ही अपने नागरिकों के लिए सतर्कता संबंधी सलाह जारी कर चुका है।

ब्रिटेन और फ्रांस ने बढ़ाई सतर्कता

ब्रिटेन ने एहतियाती कदम उठाते हुए ईरान से अपने कुछ राजनयिक कर्मचारियों को अस्थायी रूप से वापस बुला लिया है। लंदन ने स्पष्ट किया है कि उसका दूतावास सीमित संसाधनों के साथ दूरस्थ रूप से कार्य करेगा और आवश्यक कारणों को छोड़कर यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

फ्रांस ने भी अपने नागरिकों को इजरायल, यरुशलम और वेस्ट बैंक की यात्रा टालने को कहा है। फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय का कहना है कि क्षेत्रीय हालात तेजी से बदल सकते हैं, इसलिए गैर-जरूरी यात्राओं से दूरी रखना बेहतर है। एडवाइजरी में विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों का उल्लेख करते हुए सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया है।

इटली, जर्मनी और पोलैंड की सलाह

इटली ने अपने नागरिकों, खासकर पर्यटन के उद्देश्य से ईरान गए लोगों से वापस लौटने का आग्रह किया है। रोम ने पूरे मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है और इराक तथा लेबनान की यात्रा से बचने की सलाह दी है।

जर्मनी ने अपनी ट्रैवल गाइडेंस को अपडेट करते हुए पूरे इजरायल के लिए चेतावनी का दायरा बढ़ा दिया है। इससे पहले यह सलाह कुछ विशेष क्षेत्रों तक सीमित थी।

पोलैंड के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों से ईरान, इजरायल और लेबनान तुरंत छोड़ने को कहा है। बयान में कहा गया है कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति अस्थिर है और सिविलियन एयरस्पेस बंद होने की स्थिति में हवाई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

नीदरलैंड, स्वीडन और अन्य देशों की प्रतिक्रिया

डच विदेश मंत्रालय ने इजरायल, गाजा, लेबनान और मिस्र से सटे इलाकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने कहा है कि मौजूदा हालात में यात्रा जोखिमपूर्ण हो सकती है।

स्वीडन ने पहले ही अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी थी और यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कोई व्यक्ति वहां रहने का निर्णय लेता है, तो सरकारी निकासी की गारंटी नहीं दी जा सकती।

फिनलैंड और सर्बिया ने भी अपने नागरिकों को ईरान से बाहर निकलने और जोखिम वाले इलाकों से दूरी बनाने की सलाह दी है। साइप्रस ने ताजा बयान में कहा है कि वह हालात पर करीबी नजर रखे हुए है और पूर्व में जारी दिशा-निर्देश अभी भी लागू हैं।

अमेरिका की सैन्य तैनाती और कूटनीतिक गतिविधियां

इस बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। दो विमानवाहक पोतों के साथ बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान तैनात किए गए हैं। जॉर्डन और इजरायल स्थित सैन्य ठिकानों को भी मजबूत किया गया है। सुरक्षा कारणों से बेरूत स्थित अमेरिकी दूतावास से गैर-जरूरी कर्मचारियों को वापस बुलाया गया है।

स्विट्जरलैंड के जिनेवा में ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक बातचीत के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन हाल के बयानों और सैन्य गतिविधियों ने अनिश्चितता को कम नहीं किया है। विश्लेषकों का कहना है कि क्षेत्रीय तनाव का असर नागरिक उड्डयन और सामान्य जीवन पर पड़ सकता है।

बढ़ती अनिश्चितता के बीच सावधानी

यूरोपीय देशों की ताजा चेतावनियां इस बात का संकेत हैं कि पश्चिम एशिया में हालात संवेदनशील बने हुए हैं। नागरिकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और यात्रा योजनाओं पर पुनर्विचार करने की सलाह दी गई है। फिलहाल स्थिति पर वैश्विक स्तर पर नजर रखी जा रही है और आगे की दिशा घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।

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