Thailand Train Construction Accident: थाईलैंड में मची चीख-पुकार, हाई स्पीड प्रोजेक्ट की क्रेन ट्रेन पर गिरी और मच गई तबाही
Thailand Train Construction Accident: थाईलैंड के शांत रास्तों पर बुधवार की सुबह एक ऐसी दर्दनाक खबर आई जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। राजधानी बैंकॉक से उत्तर पश्चिमी प्रांत की ओर जा रही एक यात्री ट्रेन अचानक एक भीषण हादसे का शिकार हो गई। यह (Railway Infrastructure Disaster) तब हुआ जब ट्रेन अपनी रफ्तार में थी और यात्री अपनी मंजिल के करीब पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि सफर का यह सुखद अहसास चंद सेकंड में मौत की चीखों में बदल जाएगा।

निर्माणाधीन साइट की भारी-भरकम क्रेन ने बरपाया कहर
हादसे की मुख्य वजह एक निर्माणाधीन साइट पर चल रहा काम बताया जा रहा है। दरअसल, जिस रास्ते से ट्रेन गुजर रही थी, वहां हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य प्रगति पर था। अचानक एक (Industrial Crane Collapse) की घटना हुई और लोहे का विशालकाय ढांचा सीधे चलती ट्रेन के ऊपर जा गिरा। क्रेन का वजन इतना ज्यादा था कि ट्रेन के डिब्बे उसे संभाल नहीं पाए और पूरी की पूरी रेलगाड़ी पटरी से नीचे उतर गई।
22 जिंदगियां खत्म और चारों ओर फैला खून का सैलाब
स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस भयावह दुर्घटना में हुई मौतों की पुष्टि कर दी है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, इस (Fatal Train Derailment) में 22 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। मरने वालों में कई लोग ऐसे थे जो क्रेन गिरने के तुरंत बाद लगी आग की चपेट में आ गए। हादसे वाली जगह पर हर तरफ बिखरा हुआ सामान और खून के धब्बे इस त्रासदी की भयावहता को बयां कर रहे हैं।
सिखियो जिले में मची अफरा-तफरी और रेस्क्यू ऑपरेशन
यह दिल दहला देने वाली दुर्घटना थाईलैंड के सिखियो जिले में बुधवार सुबह करीब 9 बजे हुई। यह इलाका राजधानी बैंकॉक से लगभग 230 किलोमीटर दूर स्थित है। सूचना मिलते ही (Emergency Rescue Services) की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू किया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि ट्रेन उबोन रतचथानी प्रांत की ओर जा रही थी, तभी रास्ते में मौत ने उसका रास्ता रोक लिया।
गैस कटर से ट्रेन काटकर निकाले गए घायल यात्री
हादसे के बाद जो वीडियो सामने आए हैं, वे किसी भी कमजोर दिल वाले को विचलित कर सकते हैं। बचाव कर्मी गैस कटर की मदद से ट्रेन की लोहे की चादरों को काटकर भीतर फंसे (Injured Rail Passengers) को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इस हादसे में करीब 30 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए क्रेन और भारी मशीनों का सहारा लिया जा रहा है।
क्रेन गिरते ही ट्रेन में भड़की भीषण आग
चश्मदीदों के अनुसार, जैसे ही निर्माणाधीन पुल का हिस्सा और क्रेन ट्रेन पर गिरी, जोरदार धमाका हुआ और डिब्बों में आग लग गई। गनीमत यह रही कि दमकल विभाग की मुस्तैदी से (Fire Suppression Effort) सफल रहा और आग को ज्यादा फैलने से रोक लिया गया। अगर आग पूरी ट्रेन में फैल जाती, तो मरने वालों का आंकड़ा कहीं ज्यादा हो सकता था। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है लेकिन बोगियों के भीतर धुएं का गुबार अब भी देखा जा सकता है।
195 यात्रियों की जान दांव पर और सरकारी जांच के आदेश
बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुई इस बदकिस्मत ट्रेन में करीब 195 यात्री सवार थे। हालांकि, यह संख्या सीटों की उपलब्धता के आधार पर है और वास्तविक (Passenger Safety Audit) के बाद ही सही संख्या का पता चल सकेगा। थाईलैंड सरकार ने इस पूरी घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट की लापरवाही आई सामने
इस हादसे ने थाईलैंड में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्पष्ट है कि (Construction Site Safety) के नियमों की अनदेखी की गई, जिसके कारण इतना बड़ा उलटफेर हुआ। जब ट्रेन गुजर रही थी, तब क्रेन का संचालन करना या उसके नीचे सुरक्षा घेरा न होना एक बड़ी मानवीय भूल मानी जा रही है। जांच एजेंसियां अब निर्माण कंपनी के सुरक्षा प्रोटोकॉल की बारीकी से जांच कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने व्यक्त की गहरी संवेदना
थाईलैंड में हुए इस बड़े रेल हादसे के बाद दुनिया भर के नेताओं और मानवाधिकार संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर (Global Condolences News) का तांता लगा हुआ है, जहां लोग मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट कर रहे हैं। ईरान की अशांति और अन्य वैश्विक संकटों के बीच थाईलैंड से आई इस खबर ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। पूरा देश आज उन निर्दोष लोगों की याद में गमगीन है जिन्होंने अपनी जान गंवाई



