PaxSilica – भारत-अमेरिका तकनीकी साझेदारी को गूगल का समर्थन
PaxSilica – गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने भारत की पैक्स सिलिका पहल में शामिल होने पर संतोष जताते हुए इसे भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी सहयोग का अहम पड़ाव बताया। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नए चरण में प्रवेश कर चुकी है और ऐसे समय में देशों के बीच भरोसेमंद साझेदारी बेहद जरूरी हो जाती है। उनका कहना था कि सुरक्षित सप्लाई चेन और उभरती तकनीकों में सहयोग भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेगा।

एआई के दौर में साझेदारी की जरूरत
सुंदर पिचाई ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि एआई केवल तकनीक का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक बदलाव का माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि यदि देश मिलकर काम करें तो एआई के लाभ अधिक व्यापक रूप से लोगों तक पहुंच सकते हैं। पैक्स सिलिका पहल को उन्होंने ऐसे मंच के रूप में देखा, जो भरोसेमंद टेक्नोलॉजी नेटवर्क बनाने में मदद कर सकता है।
भारत में एआई विस्तार की रणनीति
गूगल ने भारत में एआई को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। कंपनी भारतीय उपयोगकर्ताओं और कारोबारियों के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित कर रही है। सरकार के साथ मिलकर कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया जा रहा है।
इन पहलों में किसानों को समय पर मौसम और मानसून से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना, स्वास्थ्यकर्मियों को बीमारियों की पहचान में डिजिटल सहायता देना और अधिक भारतीय भाषाओं में ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराना शामिल है।
भारत में एआई फीचर्स का बढ़ता उपयोग
पिचाई ने बताया कि गूगल के कई एआई आधारित फीचर्स भारत में तेजी से अपनाए जा रहे हैं। धोखाधड़ी की पहचान करने वाले टूल्स का इस्तेमाल यहां व्यापक स्तर पर हो रहा है। जेमिनी एप को दस भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे स्थानीय उपयोगकर्ताओं की पहुंच बढ़ी है।
इसके अलावा यू-ट्यूब के जरिए भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स को अंतरराष्ट्रीय मंच मिल रहा है, जिससे डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूती मिली है।
कौशल विकास पर फोकस
गूगल ने एक करोड़ भारतीयों को एआई कौशल सिखाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी शैक्षणिक संस्थानों और तकनीकी भागीदारों के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। वाधवानी एआई के सहयोग से छात्रों और करियर की शुरुआत कर रहे युवाओं को प्रमाणपत्र कार्यक्रम भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस पहल का उद्देश्य नई तकनीकी नौकरियों के लिए युवाओं को तैयार करना और डिजिटल क्षमता बढ़ाना है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में 15 अरब डॉलर का निवेश
गूगल ने भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने के लिए 15 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की है। इसके तहत विशाखापत्तनम में एक एआई हब विकसित किया जाएगा। उम्मीद है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और तकनीकी स्टार्टअप्स को नई दिशा मिलेगी।
कंपनी ने भारत और अमेरिका के बीच डेटा कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए समुद्र के नीचे केबल नेटवर्क विस्तार की योजना भी साझा की है। इससे डेटा ट्रांसफर की गति और विश्वसनीयता में सुधार हो सकता है।
पैक्स सिलिका पहल का महत्व
पैक्स सिलिका पहल का उद्देश्य एआई और संबंधित तकनीकों की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना और सहयोग को संस्थागत रूप देना है। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी सुरक्षा और भरोसेमंद साझेदारी पर जोर बढ़ा है।
भारत की बढ़ती भूमिका
सुंदर पिचाई ने कहा कि भारत के पास विशाल डेवलपर आधार, मजबूत डिजिटल ढांचा और तेजी से बढ़ती तकनीकी क्षमता है। इन कारकों के कारण देश एआई क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कुल मिलाकर, गूगल की घोषणाएं यह संकेत देती हैं कि भारत वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।



