KateMiddleton – लीसेस्टर में भारतीय समुदाय संग होली उत्सव में शामिल हुईं प्रिंसेस
KateMiddleton – ब्रिटेन की प्रिंसेस ऑफ वेल्स केट मिडलटन हाल ही में लीसेस्टर पहुंचीं, जहां उन्होंने स्थानीय भारतीय समुदाय के साथ होली के उत्सव में भाग लिया। 5 मार्च को आयोजित इस कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी ने सांस्कृतिक विविधता और सामुदायिक मेलजोल को एक खास पहचान दी। प्रिंसेस इस अवसर पर पूरी तरह सफेद परिधान में नजर आईं, जो पारंपरिक रूप से होली के रंगों के उत्सव से जुड़ा माना जाता है। हालांकि उनके सादे और सुरुचिपूर्ण परिधान के साथ पहने गए आभूषणों ने भी लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

सफेद परिधान में दिखी सादगी और शाही अंदाज
कार्यक्रम में केट मिडलटन ने हल्के क्रीम रंग की प्लीटेड ड्रेस पहनी थी, जिसे प्रसिद्ध फैशन ब्रांड राल्फ लॉरेन ने डिजाइन किया है। इस ड्रेस के साथ उन्होंने सैविल रो के टेलर क्रिस केर द्वारा तैयार किया गया कोट पहना। बताया जाता है कि यह वही परिधान है जिसे उन्होंने 2023 के क्रिसमस समारोह के दौरान भी पहना था।
उनका यह चयन शाही परिवार की उस परंपरा को दर्शाता है जिसमें कई बार पहले पहने गए कपड़ों को फिर से उपयोग में लाया जाता है। इससे फैशन में स्थिरता और सादगी का संदेश भी जाता है। सफेद और क्रीम रंग का संयोजन कार्यक्रम के माहौल के अनुरूप दिखा, क्योंकि होली के दौरान अक्सर सफेद कपड़े पहनने की परंपरा रही है, ताकि रंगों का उत्सव और भी स्पष्ट दिखाई दे।
भारतीय कारीगरी से बने इयररिंग्स ने खींचा ध्यान
प्रिंसेस के पहनावे में सबसे अधिक चर्चा उनके इयररिंग्स को लेकर हुई। उन्होंने सेजेन ब्रांड के डीना ड्रॉप डिजाइन वाले इयररिंग्स पहने थे। इन आभूषणों को पुनर्चक्रित पीतल से तैयार किया गया है और उन पर सोने की परत चढ़ाई गई है।
इन इयररिंग्स की खास बात यह है कि इन्हें भारतीय कारीगरों की पारंपरिक तकनीक से बनाया गया है। ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इनकी कीमत लगभग 50 डॉलर, यानी करीब 4,500 रुपये के आसपास बताई गई है। शाही कार्यक्रम में अपेक्षाकृत साधारण कीमत वाले आभूषणों का चयन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि केट अक्सर ऐसे उत्पादों को भी महत्व देती हैं जिनमें पारंपरिक शिल्प और टिकाऊ सामग्री का उपयोग किया गया हो।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारतीय परंपरा की झलक
लीसेस्टर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रिंसेस ऑफ वेल्स ने आकाश ओडेड्रा कंपनी का भी दौरा किया। यह संस्था दक्षिण एशियाई नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती है। यहां पहुंचने पर उनका स्वागत भारतीय परंपरा के अनुसार किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उन्हें ताजे लाल गुलाब और मोतियों से बनी एक पारंपरिक माला पहनाई गई। चमकीले लाल फूल उनके हल्के रंग के कोट के साथ काफी आकर्षक लग रहे थे। यह दृश्य न केवल समारोह के रंगों को दर्शाता था, बल्कि मेहमानों के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भावना को भी दिखाता था।
सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा कार्यक्रम
इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बने। ब्रिटिश वोग के इंस्टाग्राम पोस्ट पर कई लोगों ने प्रिंसेस ऑफ वेल्स की इस पहल की सराहना की। एक टिप्पणी में लिखा गया कि होली के एक दिन बाद लीसेस्टर पहुंचकर उन्होंने शहर के भारतीय समुदाय के साथ उत्सव मनाया, जो सांस्कृतिक एकता का सकारात्मक संदेश देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन जैसे बहुसांस्कृतिक समाज में इस तरह के कार्यक्रम समुदायों के बीच संवाद और आपसी समझ को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। प्रिंसेस ऑफ वेल्स की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।



