IranMissileStrike – संघर्ष के सातवें दिन ईरान के नए हमलों की चेतावनी
IranMissileStrike – अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव का गुरुवार को सातवां दिन रहा। इसी बीच ईरान ने इस्राइल की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की पुष्टि की है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों में ऐसे हथियार भी इस्तेमाल किए गए जिनमें क्लस्टर प्रकार के विस्फोटक लगे होने की बात कही जा रही है। घटनाक्रम के बीच ईरान की ओर से संकेत दिया गया है कि वह लंबी अवधि तक चलने वाले संघर्ष के लिए तैयार है।

सैन्य प्रवक्ता ने नए हमलों की दी चेतावनी
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने हालिया बयान में कहा कि आने वाले समय में सैन्य कार्रवाई का एक नया चरण शुरू हो सकता है। उनके मुताबिक ईरान की सैन्य रणनीति में कुछ नई पहलें शामिल की जा रही हैं और ऐसे हथियार भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं जिन्हें अभी तक बड़े पैमाने पर तैनात नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि विरोधी देशों को आगे होने वाले हमलों के लिए तैयार रहना चाहिए। उनके शब्दों में, आने वाले अभियानों में ऐसे प्रहार किए जा सकते हैं जिनका प्रभाव पहले की तुलना में अधिक गंभीर हो सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में लगातार सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं और कई देशों की निगाहें इस संघर्ष पर टिकी हुई हैं।
नए हथियारों के इस्तेमाल के संकेत
नैनी ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि कुछ नई सैन्य तकनीकें और हथियार अभी तक व्यापक स्तर पर उपयोग में नहीं लाए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि ईरान अपने पास मौजूद संसाधनों को चरणबद्ध तरीके से इस्तेमाल करने की रणनीति अपना सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी संघर्ष में नई तकनीक या अलग तरह की सैन्य क्षमता का उल्लेख अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा भी होता है। हालांकि इस बारे में अभी तक स्वतंत्र रूप से कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है कि ईरान किन विशेष प्रणालियों या हथियारों की बात कर रहा है।
पिछले टकराव से अधिक तैयारी का दावा
ईरानी सैन्य नेतृत्व का कहना है कि मौजूदा स्थिति में देश पहले की तुलना में अधिक तैयार है। ब्रिगेडियर जनरल नैनी ने कहा कि पिछले वर्ष अमेरिका और इस्राइल के साथ हुए 12 दिन के संघर्ष से ईरान ने कई सबक सीखे हैं और उसी आधार पर अपनी तैयारियों को मजबूत किया है।
उनके अनुसार वर्तमान सैन्य कार्रवाई को ईरान आत्मरक्षा के नजरिये से देखता है। उन्होंने इसे देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा मुद्दा बताया। ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया से यह संकेत मिलता है कि सरकार और सैन्य नेतृत्व इस टकराव को लंबे समय तक चलने वाली स्थिति के रूप में भी देख रहे हैं।
कुवैत में हमले के असर से कई सैनिक घायल
संघर्ष के बीच कुवैत से भी असर की खबर सामने आई है। कुवैत के सरकारी संचार केंद्र की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार हालिया हमले में देश के 67 सैनिक घायल हुए हैं। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सऊद अल-अतवान ने शुक्रवार को बताया कि सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि अधिकांश घायल सैनिकों को प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है। वहीं दो सैनिकों को एहतियात के तौर पर अभी भी चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रही हैं।
मिसाइल हमलों को लेकर सामने आई जानकारी
गुरुवार रात इस्राइल की ओर दागी गई कुछ बैलिस्टिक मिसाइलों के बारे में कहा जा रहा है कि उनमें ऐसे वारहेड लगाए गए थे जो हवा में ही खुलकर कई छोटे विस्फोटकों में बदल जाते हैं। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के हथियार जमीन पर गिरने से पहले कई छोटे हिस्सों में फैल जाते हैं, जिससे उनके प्रभाव क्षेत्र का दायरा बढ़ जाता है।
हालांकि इस संबंध में विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं और स्वतंत्र पुष्टि सीमित है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कई देश कूटनीतिक प्रयासों के जरिए हालात को शांत करने की अपील कर रहे हैं।



