IranConflict – शांति वार्ता पर अनिश्चितता, इस्राइल ने बातचीत से किया इनकार
IranConflict – अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल के राजदूत डैनी डैनन ने यह साफ कर दिया है कि उनकी सरकार किसी भी तरह की वार्ता में शामिल होने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्राइल फिलहाल अपने सैन्य अभियान को जारी रखे हुए है और इस दिशा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उनके इस बयान ने क्षेत्रीय हालात को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

इस्राइल ने सैन्य अभियान जारी रखने के संकेत दिए
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान डैनी डैनन ने स्पष्ट किया कि इस्राइल और अमेरिका मिलकर ईरान के सैन्य ढांचे को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान जारी रहेगा और इसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। उनके अनुसार, इस्राइल यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईरान भविष्य में परमाणु हथियार या लंबी दूरी की मिसाइल विकसित न कर सके।
कूटनीति पर भी रखा अपना पक्ष
डैनन ने यह भी माना कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के बाद कूटनीतिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है, लेकिन उन्होंने यह जोड़ा कि इस्राइल किसी भी ऐसी स्थिति को स्वीकार नहीं करेगा, जिससे ईरान को फिर से मजबूत होने का मौका मिले। उन्होंने दावा किया कि इस्राइल ने पहले ही ईरान की क्षमताओं को काफी हद तक प्रभावित किया है और अब आगे की रणनीति भी इसी दिशा में होगी।
ईरान पर लगाए गंभीर आरोप
इस्राइली राजदूत ने ईरान पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में हालिया घटनाओं के लिए ईरान को जिम्मेदार माना जा रहा है। डैनन के मुताबिक, इस्राइल क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने का पक्षधर है, जबकि ईरान की नीतियां इसके विपरीत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह तय करना चाहिए कि कौन शांति की दिशा में काम कर रहा है और कौन तनाव बढ़ा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र में भी उठाया गया मुद्दा
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपने संबोधन के दौरान भी डैनन ने ईरान की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान विभिन्न संगठनों को समर्थन देकर क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिससे ईरान की सैन्य संरचना को नुकसान पहुंचा है।
अमेरिका के संकेत और ईरान का रुख
दूसरी ओर, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ बातचीत की प्रक्रिया जारी है और स्थिति को शांतिपूर्ण समाधान की ओर ले जाने की कोशिश हो रही है। हालांकि ईरान की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है। तेहरान ने यह जरूर कहा है कि किसी भी बातचीत के लिए पहले सैन्य कार्रवाई को रोकना जरूरी है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच वैश्विक स्तर पर चिंता बनी हुई है। जहां एक ओर कूटनीतिक समाधान की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर जारी सैन्य गतिविधियां इस दिशा में चुनौती पेश कर रही हैं।



