ImranKhan – सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जेल में हालात की जांच
ImranKhan – पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान इस समय रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उनकी सेहत और जेल में रहने की स्थिति को लेकर उठे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम कदम उठाया है। अदालत ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के वकील सलमान सफदर को ‘एमिकस क्यूरी’ यानी कोर्ट का दोस्त नियुक्त किया है, ताकि वह जेल जाकर इमरान खान से मुलाकात करें और उनकी मौजूदा स्थिति पर स्वतंत्र रिपोर्ट अदालत को सौंपें।

तीन घंटे चली मुलाकात
मंगलवार को सलमान सफदर अदियाला जेल पहुंचे, जहां उन्होंने करीब तीन घंटे तक इमरान खान से बातचीत की। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वस्थ दिखाई दिए और उनकी हालत स्थिर है। हालांकि उन्होंने मुलाकात के दौरान हुई चर्चा का विवरण साझा करने से इनकार किया। उनका कहना था कि उन्हें अदालत के निर्देशानुसार अपनी रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट में जमा करनी है, इसलिए वह सार्वजनिक रूप से ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते। कोर्ट ने उन्हें बुधवार तक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
अदालत का स्पष्ट रुख
इस मामले में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी और जस्टिस शाहिद बिलाल हसन की पीठ ने पहले पीटीआई नेता लतीफ खोसा की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें इमरान खान से तत्काल मुलाकात की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि बिना दूसरे पक्ष को सुने ऐसा आदेश पारित करना उचित नहीं होगा। इसके बाद सरकार को नोटिस जारी किया गया और दोबारा सुनवाई के दौरान सलमान सफदर को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उन्हें इमरान खान से निर्बाध रूप से मिलने दिया जाए और किसी प्रकार की प्रशासनिक देरी न हो।
पुरानी रिपोर्ट और नई परिस्थिति
सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान ने अदालत को बताया कि अगस्त 2023 में इमरान खान की सेहत और जेल के हालात पर एक रिपोर्ट पहले ही दाखिल की जा चुकी है। इस पर चीफ जस्टिस ने टिप्पणी की कि वह रिपोर्ट अटक जेल से संबंधित थी, जबकि वर्तमान में इमरान खान अदियाला जेल में हैं। बदलती परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने ताजा रिपोर्ट को आवश्यक बताया। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को करेगा।
पीटीआई के आरोप और मांगें
इस बीच पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने आरोप लगाया है कि इमरान खान के साथ जेल में अनुचित व्यवहार किया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि अस्पताल में उनका कोई गोपनीय चिकित्सीय उपचार किया गया, जिसकी जानकारी परिवार को नहीं दी गई। पीटीआई ने यह भी मांग की है कि इमरान खान को उनके निजी चिकित्सकों, वकीलों और परिजनों से नियमित रूप से मिलने की अनुमति दी जाए। हालांकि इन आरोपों पर आधिकारिक स्तर पर अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
न्यायिक निगरानी में आगे की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एमिकस क्यूरी की नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे अदालत को प्रत्यक्ष और स्वतंत्र जानकारी मिल सकेगी। यह प्रक्रिया न्यायिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम है। अब सभी की निगाहें सलमान सफदर द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट और 12 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत की आगे की टिप्पणी से ही इस मामले की दिशा स्पष्ट होगी।



