EconomicRelief – तेल संकट के बीच दक्षिण कोरिया का बड़ा बजट प्रस्ताव
EconomicRelief – पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके वैश्विक आर्थिक असर के बीच दक्षिण कोरिया की संसद एक अहम वित्तीय फैसले की ओर बढ़ रही है। शुक्रवार को वहां अतिरिक्त बजट से जुड़े एक महत्वपूर्ण विधेयक पर मतदान होना है, जिसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई और ऊर्जा संकट से आम लोगों को राहत देना है। सरकार का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यह कदम छोटे कारोबारियों और कमजोर वर्गों के लिए जरूरी सहारा साबित हो सकता है।

बढ़ाया गया बजट प्रस्ताव
शुरुआत में सरकार ने इस अतिरिक्त बजट का आकार 26.2 ट्रिलियन वोन रखा था, लेकिन संसदीय समितियों में हुई चर्चा और संशोधनों के बाद इसे बढ़ाकर करीब 30 ट्रिलियन वोन कर दिया गया। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत काफी बड़ी मानी जा रही है। इस बजट का मुख्य फोकस ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और उसके असर से निपटना है, जो सीधे आम जनता और उद्योगों को प्रभावित कर रहा है।
आम लोगों के लिए सीधी आर्थिक मदद
इस प्रस्ताव में सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान नकद सहायता से जुड़ा है। सरकार ने योजना बनाई है कि देश की लगभग 70 प्रतिशत कम आय वाली आबादी को सीधे आर्थिक मदद दी जाए। अनुमान के अनुसार, करीब 3.5 करोड़ से अधिक लोगों को उनकी आय और क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग राशि दी जाएगी। यह सहायता 1 लाख वोन से लेकर 6 लाख वोन तक हो सकती है, जिससे लोगों को रोजमर्रा के खर्चों में राहत मिलने की उम्मीद है।
संसद में जारी है मतभेद
हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर संसद में पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई है। विपक्षी दलों का कहना है कि बजट में कुछ ऐसे प्रावधान भी शामिल कर दिए गए हैं, जो आपातकालीन राहत के दायरे में नहीं आते। उनका जोर इस बात पर है कि केवल उन्हीं योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिले। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल इस बिल को जल्द पारित कराने के पक्ष में है, ताकि आर्थिक दबाव को समय रहते कम किया जा सके।
ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तैयारियां
दक्षिण कोरिया ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए पहले से ही कई कदम उठाए हैं। सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों से तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया है। हाल ही में यह जानकारी दी गई कि मई महीने के लिए करीब 6 करोड़ बैरल तेल की व्यवस्था कर ली गई है, जिससे मध्य पूर्व से आपूर्ति में संभावित बाधा का असर कम किया जा सके।
कई देशों से तेल आयात की व्यवस्था
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण कोरिया अब तक 17 देशों से कुल 11 करोड़ बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर चुका है। इनमें सऊदी अरब, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, ब्राजील और कनाडा जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। इसके अलावा, देश की प्रमुख रिफाइनरी कंपनियां ऑयल स्वैप व्यवस्था के तहत अतिरिक्त तेल उधार लेने की योजना पर काम कर रही हैं।
आर्थिक संतुलन की चुनौती
मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दक्षिण कोरिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक संतुलन बनाए रखने की है। एक ओर ऊर्जा संकट है, तो दूसरी ओर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यह अतिरिक्त बजट सरकार के लिए एक अहम उपकरण बन सकता है, जिससे वह अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने और आम लोगों को राहत देने की कोशिश कर रही है।



