Donald Trump: कनाडाई विमानों पर 50 फीसदी टैरिफ की धमकी और क्यूबा पर नया दांव
Donald Trump: उत्तरी अमेरिका के दो सबसे बड़े पड़ोसी देशों, अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक युद्ध अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए कनाडा से आने वाले विमानों पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क (Tariff) लगाने की सीधी चेतावनी दी है। ट्रंप के इस बयान ने न केवल विमानन क्षेत्र में खलबली मचा दी है, बल्कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ उनके बढ़ते टकराव को भी सार्वजनिक कर दिया है। इसके साथ ही ट्रंप ने क्यूबा को ऊर्जा सहायता देने वाले देशों के खिलाफ भी ‘टैरिफ बम’ फोड़ने का ऐलान किया है।

विमान प्रमाणन विवाद बना ट्रंप की नाराजगी की वजह
ताजा विवाद की जड़ में विमानों के सर्टिफिकेशन (प्रमाणन) का मामला है। राष्ट्रपति ट्रंप ने आरोप लगाया है कि कनाडा ने जॉर्जिया स्थित अमेरिकी कंपनी ‘गल्फस्ट्रीम एयरोस्पेस’ द्वारा निर्मित विमानों को प्रमाणित करने से जानबूझकर इनकार किया है। ट्रंप के अनुसार, यह अमेरिकी व्यापारिक हितों पर प्रहार है। इसके जवाब में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कनाडा ने अपना रुख तुरंत नहीं बदला, तो अमेरिका में बिकने वाले सभी कनाडाई विमानों पर 50 फीसदी शुल्क लगा दिया जाएगा। इतना ही नहीं, ट्रंप ने बॉम्बार्डियर (Bombardier) जैसे बड़े कनाडाई विमानों का अमेरिकी प्रमाणन रद्द करने की बात भी कही है, जो कनाडा की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है।
क्यूबा को तेल देने वाले देशों पर भी लटकी टैरिफ की तलवार
विमानों के अलावा, ट्रंप ने एक और महत्वपूर्ण मोर्चे पर सख्ती दिखाई है। उन्होंने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश (Executive Order) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य क्यूबा की घेराबंदी करना है। इस आदेश के तहत, जो भी देश क्यूबा को तेल की आपूर्ति करेगा, उसके द्वारा अमेरिका भेजे जाने वाले सामानों पर भारी शुल्क वसूला जाएगा। ट्रंप का यह फैसला सीधे तौर पर मैक्सिको जैसे देशों के लिए एक चेतावनी माना जा रहा है। अमेरिका चाहता है कि पड़ोसी देश क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को मिल रही किसी भी प्रकार की सहायता को पूरी तरह बंद कर दें।
मैक्सिको का रुख और संप्रभुता का सवाल
अमेरिका के इस भारी दबाव के बीच मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। शाइनबाम ने इस सप्ताह स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने क्यूबा को तेल की आपूर्ति फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दी है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि यह मैक्सिको का एक ‘संप्रभु फैसला’ है और इसे अमेरिका के दबाव में लिया गया कदम नहीं माना जाना चाहिए। गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन पिछले काफी समय से मैक्सिको पर इस बात के लिए दबाव बना रहा है कि वह क्यूबा की सरकार से अपने तमाम व्यापारिक और ऊर्जा संबंध विच्छेद कर ले।
चीन के साथ व्यापारिक समझौते पर भी तकरार बरकरार
कनाडा के खिलाफ ट्रंप की यह नाराजगी केवल विमानों तक सीमित नहीं है। इससे पहले भी उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि कनाडा चीन के साथ प्रस्तावित नए व्यापारिक समझौतों को आगे बढ़ाता है, तो अमेरिका 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने से भी पीछे नहीं हटेगा। हालांकि, कनाडा पहले ही चीन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता कर चुका है, जिसके कारण ट्रंप प्रशासन अब अधिक आक्रामक रुख अपना रहा है। कूटनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप का यह रवैया ‘अमेरिका फर्स्ट’ की उनकी नीति का हिस्सा है, जिससे वे अपने सहयोगियों को भी अपनी शर्तों पर चलने के लिए विवश कर रहे हैं।



