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ConflictUpdate – पाकिस्तान का दावा, अभियान में सैकड़ों तालिबान लड़ाके ढेर

ConflictUpdate – अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों ओर से सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों की खबरें आ रही हैं। इसी बीच पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके खिलाफ चल रही गतिविधियों के जवाब में चलाए गए अभियान में अफगान तालिबान और उनसे जुड़े समूहों के लगभग 300 लड़ाके मारे गए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सीमा पार से हुए हमलों के जवाब में की गई।

पाकिस्तानी सरकार का आधिकारिक बयान

सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने देर रात मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने अब तक 297 लड़ाकों को मार गिराया है और 450 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उनके अनुसार, यह अभियान सुनियोजित तरीके से चलाया गया और इसका उद्देश्य सीमा पार से हो रही हिंसक गतिविधियों को रोकना था। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

मंत्री ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की कार्रवाई केवल उन ठिकानों तक सीमित रही, जहां से हमलों की योजना बनाई जा रही थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

ऑपरेशन गजब-लिल-हक की रूपरेखा

पाकिस्तानी सेना ने इस जवाबी कार्रवाई को ऑपरेशन गजब-लिल-हक नाम दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान तब शुरू किया गया जब सीमा पर एक साथ कई स्थानों पर हमले हुए। दावा किया गया है कि इस अभियान के दौरान 89 चौकियों को ध्वस्त किया गया और 18 अन्य ठिकानों पर नियंत्रण स्थापित किया गया। इसके साथ ही करीब 135 टैंक और बख्तरबंद वाहनों को भी निष्क्रिय करने की बात कही गई है।

पाकिस्तानी वायुसेना की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। मंत्री के अनुसार, वायुसेना ने अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में लगभग 29 स्थानों को निशाना बनाया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।

सेना की चेतावनी और राजनीतिक संदेश

सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने प्रेस वार्ता में कहा कि अफगान तालिबान को स्पष्ट रुख अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि तालिबान शासन को यह तय करना चाहिए कि वह पाकिस्तान के खिलाफ सक्रिय संगठनों से दूरी बनाएगा या नहीं। उनका बयान इस बात का संकेत है कि इस टकराव का संबंध केवल सीमित झड़पों तक नहीं, बल्कि व्यापक सुरक्षा चिंताओं से भी है।

पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि कुछ उग्रवादी संगठन अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल प्रशिक्षण और हमलों की तैयारी के लिए करते हैं। अफगान तालिबान इन आरोपों को खारिज करता रहा है।

सीमा क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता

लगातार हो रही कार्रवाई ने सीमा से सटे इलाकों में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय नागरिकों के लिए हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने की खबरें मिल रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संवाद के रास्ते नहीं खोजे गए, तो स्थिति और जटिल हो सकती है।

फिलहाल दोनों देशों की ओर से बयानबाजी जारी है, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर किसी ठोस पहल की सूचना नहीं है। क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर नजर रखे हुए है।

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