अंतर्राष्ट्रीय

ColoradoCase – शवगृह मालिक को 40 साल की सजा, 200 शवों के साथ अमानवीय कृत्य उजागर

ColoradoCase – अमेरिका के कोलोराडो राज्य से सामने आए एक गंभीर आपराधिक मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अदालत ने एक अंतिम संस्कार गृह के मालिक को मानवता को शर्मसार करने वाले कृत्यों के लिए चार दशक की जेल की सजा सुनाई है। यह मामला न केवल कानून के दायरे में विश्वासघात का है, बल्कि उन परिवारों के भरोसे को तोड़ने का भी है, जिन्होंने अपने प्रियजनों की अंतिम विदाई की जिम्मेदारी आरोपी पर सौंपी थी।

WhatsApp Group Join Now

अदालत का सख्त फैसला और पीड़ितों की प्रतिक्रिया

कोलोराडो की एक अदालत ने फ्यूनरल होम संचालक जॉन हॉलफोर्ड को 40 साल की सजा सुनाते हुए स्पष्ट किया कि अपराध की गंभीरता किसी भी नरमी की गुंजाइश नहीं छोड़ती। सुनवाई के दौरान कई पीड़ित परिवार भावुक हो गए। उन्होंने न्यायाधीश को बताया कि सच्चाई सामने आने के बाद से उन्हें लगातार डरावने सपने आते रहे। कुछ परिजनों ने आरोपी को “घिनौना” और “राक्षसी प्रवृत्ति वाला व्यक्ति” तक कहा।

चार साल तक चला अमानवीय सिलसिला

जांच में सामने आया कि जॉन हॉलफोर्ड ने लगभग चार वर्षों तक शवों के साथ अमानवीय व्यवहार किया। जिन परिवारों ने सम्मानजनक अंतिम संस्कार की उम्मीद की थी, उन्हें न तो सही जानकारी दी गई और न ही उनके प्रियजनों के साथ वादा निभाया गया। अदालत ने माना कि यह केवल धोखाधड़ी नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा का घोर अपमान है।

शवों को सड़ने के लिए छोड़ दिया गया

मामले की जांच में पता चला कि करीब 189 शवों को एक इमारत में बिना किसी संरक्षण के छोड़ दिया गया था। ये शव कोलोराडो स्प्रिंग्स के दक्षिण में स्थित पेनरोस कस्बे की एक इमारत में छिपाकर रखे गए थे। 2019 से 2023 के बीच यह सिलसिला चलता रहा, जिसका खुलासा तब हुआ जब स्थानीय लोगों ने इलाके में तेज दुर्गंध की शिकायत की।

परिजनों को दी गई नकली अस्थियां

जांच एजेंसियों ने बताया कि अंतिम संस्कार के नाम पर परिजनों को अस्थियों के स्थान पर सूखा कंक्रीट सौंपा गया। कई परिवार वर्षों तक यह मानते रहे कि उन्होंने अपने प्रियजन की अस्थियां सुरक्षित रखी हैं, जबकि सच्चाई इससे कहीं अधिक भयावह थी। बाद में डीएनए, उंगलियों के निशान और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से शवों की पहचान की गई।

धोखाधड़ी से जुटाया गया पैसा विलासिता में खर्च

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दंपति ने प्रत्येक शव के अंतिम संस्कार के लिए करीब 1200 डॉलर की राशि वसूली। इस धन का उपयोग संस्कार के बजाय निजी शौक पूरे करने में किया गया। लग्जरी वाहन, महंगे गहने, क्रिप्टोकरेंसी निवेश और ऐशो-आराम की जिंदगी पर यह रकम खर्च की गई। यहां तक कि महामारी के दौरान मिली सरकारी सहायता में भी भारी वित्तीय अनियमितता सामने आई।

पूर्व पत्नी की सजा पर फैसला बाकी

इस मामले में जॉन हॉलफोर्ड की पूर्व पत्नी कैरी हॉलफोर्ड भी आरोपी है, जो उसी फ्यूनरल होम की सह-मालिक थी। उसने अभियोजन पक्ष के साथ समझौते के तहत शवों के साथ दुर्व्यवहार के सैकड़ों मामलों में दोष स्वीकार किया है। अदालत 24 अप्रैल को उसकी सजा पर फैसला सुनाएगी, जिसमें 25 से 35 साल तक की जेल हो सकती है।

कोर्ट में छलका परिजनों का दर्द

सुनवाई के दौरान कई परिवार अपने प्रियजनों के साथ हुए व्यवहार को याद कर रो पड़े। एक बेटी ने अदालत में कहा कि उसकी मां को कचरे की तरह छोड़ दिया गया। जांचकर्ताओं ने बताया कि जब इमारत की तलाशी ली गई, तो वहां कीड़े, सड़ते शव और अव्यवस्थित ढेर मिले, जिनमें कुछ शव एक-दूसरे के ऊपर रखे थे।

कानूनी कार्रवाई और नियमों में सख्ती

जॉन हॉलफोर्ड को राज्य और संघीय, दोनों स्तरों पर सजा मिल चुकी है। इस घटना के बाद कोलोराडो प्रशासन ने अंतिम संस्कार गृहों के संचालन से जुड़े नियमों की समीक्षा शुरू कर दी है और निगरानी को और सख्त किया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.