BorderTension – जलालाबाद में पाकिस्तानी लड़ाकू विमान गिराने का दावा
BorderTension – पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता सीमा तनाव अब खुली सैन्य झड़पों में बदलता नजर आ रहा है। शनिवार को अफगान सुरक्षा बलों ने दावा किया कि जलालाबाद शहर के एक इलाके में एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को मार गिराया गया। अफगान अधिकारियों के अनुसार, विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसके पायलट ने पैराशूट के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की, लेकिन उसे जीवित हिरासत में ले लिया गया। हालांकि इस दावे पर पाकिस्तान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

जलालाबाद में क्या हुआ
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में बताया गया कि घटना जलालाबाद के छठे जिले में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आसमान में तेज आवाज के बाद एक विमान नीचे गिरता दिखा। कुछ ही देर बाद एक व्यक्ति पैराशूट के जरिए जमीन पर उतरता नजर आया, जिसे बाद में सुरक्षा बलों ने घेर लिया। अफगान पुलिस के प्रवक्ता तैयब हम्माद ने सार्वजनिक रूप से कहा कि विमान पाकिस्तानी वायुसेना का था और पायलट को जिंदा पकड़ा गया है। पूर्वी क्षेत्र में तैनात सेना के प्रवक्ता ने भी इस दावे का समर्थन किया है।
पाकिस्तान का जवाब और सैन्य कार्रवाई
इस घटनाक्रम से पहले पाकिस्तान ने सीमा पार से हमलों का आरोप लगाते हुए व्यापक सैन्य अभियान शुरू करने की बात कही थी। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में विरोधी लड़ाकों को मार गिराया और सैकड़ों को घायल किया। उनके अनुसार, ऑपरेशन गजब-लिल-हक के तहत कई चौकियों को नष्ट किया गया और कुछ पर कब्जा भी किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में टैंक और बख्तरबंद वाहन निष्क्रिय कर दिए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
हवाई हमलों के दावे
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि उनकी वायुसेना ने अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में कई ठिकानों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई कथित तौर पर सीमा पर एक साथ कई स्थानों पर हुए हमलों के जवाब में की गई। पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि अफगान तालिबान को स्पष्ट रुख अपनाना होगा और यह तय करना होगा कि वह पाकिस्तान के खिलाफ सक्रिय तत्वों के साथ खड़ा है या नहीं। उनके बयान से संकेत मिलता है कि इस टकराव का दायरा सीमित झड़पों से आगे बढ़ सकता है।
सीमा क्षेत्र में बढ़ती अनिश्चितता
दोनों देशों के बीच पहले से ही अविश्वास का माहौल रहा है। सीमा पार गतिविधियों, उग्रवादी संगठनों और नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी को लेकर समय-समय पर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। मौजूदा घटनाओं ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। स्थानीय आबादी में असुरक्षा की भावना बढ़ी है और कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित होने की खबरें हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष संयम नहीं बरतते, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से यह टकराव चिंताजनक है, क्योंकि इसका असर सीमित सीमा क्षेत्रों से आगे भी पड़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से बयानबाजी जारी है, लेकिन किसी औपचारिक वार्ता या तनाव कम करने की पहल की जानकारी सामने नहीं आई है।
आगे की राह
स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। अफगान पक्ष जहां अपने दावे पर कायम है, वहीं पाकिस्तान की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या दोनों देश कूटनीतिक रास्ता अपनाते हैं या सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है।



