AndamanPoaching – अवैध शिकार पर बड़ी कार्रवाई, गिरफ्तार हुए 11 म्यांमार नागरिक
AndamanPoaching – अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अवैध समुद्री शिकार के खिलाफ चलाए गए अभियान में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने निकोबार जिले के नानकोवरी द्वीप क्षेत्र से म्यांमार के 11 नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 4 अप्रैल से शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य समुद्री संसाधनों की अवैध तस्करी और शिकार पर रोक लगाना था।

‘सी सेंटिनल’ अभियान के तहत कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह ऑपरेशन ‘सी सेंटिनल’ नाम से चलाया गया, जिसमें विभिन्न समुद्री क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही थी। अभियान के दौरान काकाना, पिलपिलो, पोंधा और डेरिंग के आसपास के समुद्री इलाकों में गश्त तेज की गई। इसी दौरान उत्तरी काकाना तट के पास एक संदिग्ध नाव दिखाई दी, जिस पर अवैध गतिविधियों का संदेह हुआ।
पीछा और चेतावनी के बावजूद नहीं रुके आरोपी
जैसे ही पुलिस टीम ने नाव को रोकने का प्रयास किया, उसमें सवार लोग भागने लगे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपनी नाव का लंगर काट दिया और दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर तेजी से बढ़ने की कोशिश की। पुलिस और भारतीय तटरक्षक बल ने समन्वय के साथ नाव का पीछा किया। इस दौरान एक अधिकारी ने चेतावनी के तौर पर हवा में गोलियां भी चलाईं, लेकिन आरोपियों ने रुकने के बजाय भागना जारी रखा।
जंगल में छिपे आरोपियों की तलाश
बाद में संदिग्ध नाव को आइल ऑफ मैन द्वीप के पास छोड़ा हुआ पाया गया, जहां से आरोपी घने जंगलों की ओर भाग गए थे। इसके बाद पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया। 5 अप्रैल को एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया, जबकि 6 अप्रैल को जंगल में छिपे अन्य 10 लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
भारी मात्रा में समुद्री खीरा बरामद
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने करीब 800 किलोग्राम समुद्री खीरा बरामद किया, जिसे अवैध रूप से पकड़ा गया था। समुद्री खीरा अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगा बिकने वाला समुद्री जीव है और इसके अवैध शिकार पर सख्त प्रतिबंध है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां समुद्री पारिस्थितिकी के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता जारी
पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में निगरानी और गश्त को और सख्त किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। अधिकारियों ने संकेत दिया कि समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को लेकर विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा। इस कार्रवाई को अवैध शिकार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



