Winter Heart Attack and Stroke Risk: सर्दियों में नहाने की ये एक गलती पड़ सकती है जान पर भारी, तुरंत जान लें ये कड़वा सच…
Winter Heart Attack and Stroke Risk: सर्दियों का सुहाना मौसम जहां एक ओर सुकून देता है, वहीं दूसरी ओर यह अपने साथ स्वास्थ्य के लिए कई डरावने खतरे भी लेकर आता है। जैसे-जैसे पारा गिरता है, अस्पतालों में इमरजेंसी के मामले बढ़ने लगते हैं। तापमान में गिरावट के कारण हमारे शरीर की कार्यप्रणाली में जो बदलाव आते हैं, उन्हें (Cold weather health complications) के रूप में देखा जाता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए तो यह सीजन किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं होता, जहां थोड़ी सी भी अनदेखी निमोनिया या अस्थमा जैसी सांस की गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

क्यों सर्द रातें बन जाती हैं ‘कातिल’
डॉक्टरों के अनुसार, सर्दी का असर केवल त्वचा पर ही नहीं बल्कि हमारे रक्त संचार तंत्र पर भी गहराई से पड़ता है। ठंड बढ़ने से शरीर की रक्त वाहिकाएं (रक्त की नलिकाएं) स्वाभाविक रूप से सिकुड़ने लगती हैं। इस स्थिति को (Vascular constriction effects) कहा जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है। जब खून का रास्ता संकरा हो जाता है, तो दिल को शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए बहुत ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है। यही वह समय है जब जरा सी लापरवाही हार्ट फेलियर या स्ट्रोक की वजह बन सकती है।
नहाने के पानी का तापमान और जान का जोखिम
सर्दियों में अक्सर लोग एक ऐसी बड़ी गलती करते हैं जिसे विशेषज्ञ ‘साइलेंट किलर’ मानते हैं—वह है कड़ाके की ठंड में सीधे ठंडे पानी से नहाना। जब आप (Cold water immersion risks) की स्थिति में होते हैं, तो शरीर पर ठंडे पानी का संपर्क एक तीव्र ‘कोल्ड शॉक’ पैदा करता है। यह शॉक नसों को इतनी तेजी से सिकोड़ता है कि रक्तचाप (BP) में अचानक भारी उछाल आता है। यदि आपकी नसें कमजोर हैं या पहले से ब्लॉक हैं, तो यह दबाव ब्रेन स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण बन जाता है।
सिर पर सीधे पानी डालने की घातक आदत
नहाने की प्रक्रिया में भी एक खास सावधानी बरतनी जरूरी है। अधिकतर लोग सबसे पहले अपने सिर पर ठंडा पानी डालते हैं, जो सीधे तौर पर मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है। (Brain stroke triggers) में यह स्थिति सबसे खतरनाक मानी जाती है क्योंकि मस्तिष्क की बारीक नसें अचानक बढ़े हुए दबाव को झेल नहीं पातीं और फट सकती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नहाने की शुरुआत हमेशा पैरों से करनी चाहिए ताकि मस्तिष्क को तापमान बदलने का संकेत मिल सके और वह शरीर को तैयार कर ले।
दिल के मरीजों के लिए ‘रेड अलर्ट’
ठंड का यह समय दिल की सेहत के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण होता है, खासकर उनके लिए जिन्हें पहले से ही बीपी, कोलेस्ट्रॉल या मोटापे की समस्या है। ठंडे पानी के संपर्क में आने से होने वाली (Cardiovascular stress levels) की बढ़ोतरी हार्ट अटैक का रास्ता साफ कर देती है। जब रक्त वाहिकाएं सिकुड़ी होती हैं और दिल को अधिक पंपिंग करनी पड़ती है, तो कमजोर हृदय पर पड़ने वाला यह अतिरिक्त बोझ उसे अचानक रोक सकता है। यही कारण है कि सर्दियों में बाथरूम में हार्ट अटैक के मामले सबसे ज्यादा सुनने को मिलते हैं।
संतुलित खानपान और शरीर की गर्मी
केवल नहाने का तरीका ही नहीं, बल्कि आपका खानपान भी सर्दियों में कवच का काम करता है। शरीर के आंतरिक तापमान को संतुलित रखने के लिए (Winter dietary habits) में सूप, मेवे, हरी सब्जियां और गुनगुना भोजन शामिल करना चाहिए। बहुत अधिक नमक या तला-भुना खाना ब्लड प्रेशर को और ज्यादा अनियंत्रित कर सकता है। सिर, छाती और पैरों को ऊनी कपड़ों से ढंककर रखना केवल फैशन नहीं, बल्कि हृदय पर पड़ने वाले दबाव को कम करने का एक वैज्ञानिक तरीका है।
गुनगुने पानी का जादुई स्पर्श और सुरक्षा
विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि सर्दियों में जान जोखिम में डालने से बेहतर है कि गुनगुने पानी का इस्तेमाल किया जाए। (Lukewarm water benefits) केवल आराम ही नहीं देते, बल्कि शरीर के तापमान को धीरे-धीरे वातावरण के अनुकूल बनाते हैं। नहाने से पहले पानी को सामान्य या हल्का गुनगुना करना और धीरे-धीरे शरीर के निचले हिस्सों से ऊपर की ओर नहाना एक सुरक्षित तरीका है। यह छोटी सी सावधानी रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त तनाव को खत्म कर सकती है और आपको स्ट्रोक के खतरे से बचा सकती है।
सतर्कता ही है दीर्घायु का आधार
ठंड के इस मौसम में अपनी सेहत को प्राथमिकता देना और डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। (Precautionary health measures) के तहत नियमित रूप से बीपी और शुगर की जांच कराते रहें। यदि नहाते समय या ठंड में बाहर निकलते समय सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या सिर में तेज दर्द महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें। याद रखें, सर्दियों का आनंद तभी है जब आपका शरीर स्वस्थ और हृदय सुरक्षित हो। आपकी जागरूकता ही आपको और आपके परिवार को सर्दियों के इन ‘ठंडे हमलों’ से बचा सकती है।



