Thyroid Diet Management Tips: क्या आपकी रसोई ही बन सकती है थायराइड की दुश्मन, जानें कैसे…
Thyroid Diet Management Tips: आज के दौर की आधुनिक जीवनशैली और तनावपूर्ण दिनचर्या ने थायराइड जैसी गंभीर हार्मोनल समस्याओं को घर-घर पहुंचा दिया है। हम अक्सर वजन बढ़ने या थकान होने पर दवाओं का सहारा लेते हैं, लेकिन असली जड़ हमारी रसोई में छिपी होती है। हाल ही में जानी-मानी विशेषज्ञ डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने एक महत्वपूर्ण वीडियो के जरिए उन (Hypothyroidism risk factors) की ओर इशारा किया है, जो जाने-अनजाने में हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को धीमा कर रहे हैं। यदि समय रहते खान-पान की इन बड़ी गलतियों को न सुधारा गया, तो शरीर का ऊर्जा चक्र पूरी तरह बाधित हो सकता है।

जब तितली के आकार की ग्रंथि हो जाती है सुस्त
थायराइड हमारे गले में स्थित एक बेहद संवेदनशील और तितली के आकार की ग्रंथि होती है, जो शरीर के हर हिस्से को ऊर्जा प्रदान करने का काम करती है। डॉक्टर सोलंकी के अनुसार, जब हम कुछ खास खाद्य पदार्थों का सेवन गलत तरीके से करते हैं, तो वे शरीर में (Thyroid hormone synthesis) की प्रक्रिया को ब्लॉक करने लगते हैं। इससे न केवल वजन अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगता है, बल्कि व्यक्ति हर समय मानसिक और शारीरिक थकान का अनुभव करने लगता है। आहार में सही बदलाव करके ही इस ग्रंथि को फिर से सक्रिय किया जा सकता है।
कच्ची सब्जियों का सलाद: स्वास्थ्य या संकट
वजन घटाने के जुनून में लोग अक्सर कच्ची पत्ता गोभी, फूलगोभी और ब्रोकली का खूब सेवन करते हैं, लेकिन यह थायराइड रोगियों के लिए घातक हो सकता है। इन क्रूसिफेरस सब्जियों में ‘ग्वाइट्रोजेन्स’ नामक तत्व पाए जाते हैं जो (Iodine absorption block) करने का काम करते हैं। डॉक्टर शालिनी की सलाह है कि इन सब्जियों को कभी भी कच्चा न खाएं। इन्हें हमेशा अच्छी तरह उबालकर या पकाकर ही डाइट में शामिल करें, जिससे इनके हानिकारक तत्व निष्क्रिय हो जाएं और आपकी थायराइड ग्रंथि सुरक्षित रहे।
सोया उत्पादों का अत्यधिक मोह पड़ सकता है भारी
सोया चंक्स और टोफू को प्रोटीन का राजा माना जाता है, लेकिन हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों के लिए यह एक छिपे हुए खतरे की तरह है। सोया में मौजूद ‘आइसोफ्लेवोन्स’ शरीर के (Hormonal balance disruption) का कारण बन सकते हैं। ये तत्व थायराइड हार्मोन के उत्पादन के मार्ग में बाधा उत्पन्न करते हैं। यदि आप थायराइड की दवाओं पर हैं, तो सोया का अत्यधिक या कच्चा सेवन आपकी दवाओं के असर को भी कम कर सकता है। ऐसे में किसी भी सोया उत्पाद को अपनी डाइट का हिस्सा बनाने से पहले डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है।
प्रोसेस्ड फूड और ट्रांस फैट का जहरीला जाल
बेकरी आइटम्स, पैकेट बंद स्नैक्स और डिब्बाबंद भोजन न केवल दिल के लिए बल्कि थायराइड के लिए भी जहर समान हैं। डॉक्टर सोलंकी ने चेतावनी दी है कि इन खाद्य पदार्थों में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स शरीर में (Chronic inflammation issues) को जन्म देते हैं। यह आंतरिक सूजन सीधे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यूनिटी) पर हमला करती है, जिससे थायराइड ग्रंथि की कार्यक्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है। एक स्वस्थ भविष्य के लिए इन पैकेट बंद फूड्स को अपनी रसोई से पूरी तरह बाहर करना ही एकमात्र विकल्प है।
आयोडीन और चीनी का असंतुलित खेल
कहा जाता है कि किसी भी चीज की अति नुकसानदेह होती है, और यह बात आयोडीन पर भी लागू होती है। हालांकि आयोडीन थायराइड के लिए जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा आयोडाइड साल्ट का सेवन (Thyroid gland dysfunction) का कारण बन सकता है। इसी प्रकार, अत्यधिक चीनी और मीठे पेय पदार्थों का सेवन शरीर में इंसुलिन रेसिस्टेंस को बढ़ा देता है। यह स्थिति थायराइड हार्मोन के सुचारू प्रवाह को बाधित करती है, जिससे मेटाबॉलिज्म पूरी तरह चरमरा जाता है। चीनी का मोह त्याग कर आप अपने शरीर को नई ऊर्जा दे सकते हैं।
दवाओं के साथ सही पोषण का तालमेल
डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी का यह परामर्श उन लाखों लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो भारी भरकम दवाओं के बावजूद कोई सुधार महसूस नहीं कर रहे हैं। थायराइड को केवल गोलियों से नियंत्रित नहीं किया जा सकता, इसके लिए (Lifestyle modification strategy) की आवश्यकता होती है। कच्ची सब्जियों के बजाय पके हुए भोजन को प्राथमिकता देना और जंक फूड से दूरी बनाना आपको जीवन भर दवाओं के बोझ से बचा सकता है। आपकी एक छोटी सी सावधानी शरीर के इस महत्वपूर्ण अंग को पुनर्जीवित कर सकती है।
प्राकृतिक उपचार और संतुलित दिनचर्या की शक्ति
अंततः, थायराइड पर विजय पाने के लिए केवल परहेज ही काफी नहीं है, बल्कि एक सकारात्मक और सक्रिय जीवनशैली का होना भी अनिवार्य है। नियमित व्यायाम और सही समय पर भोजन करने की आदत (Metabolic health improvement) में चमत्कारिक भूमिका निभाती है। डॉक्टर द्वारा बताए गए इन पांच ‘दुश्मन’ फूड्स से दूरी बनाकर और घर का बना ताजा भोजन अपनाकर आप न केवल थायराइड को नियंत्रित कर सकते हैं, बल्कि एक ऊर्जावान और स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकते हैं।



