Step Goals for Heart Attack Prevention 2026: जानें क्या सिर्फ पैदल चलकर टाला जा सकता है मौत का खतरा…
Step Goals for Heart Attack Prevention 2026: दुनियाभर में इन दिनों हृदय रोग (CVD) एक ऐसी गंभीर चुनौती बनकर उभरा है, जिसने स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव डाल दिया है। मौत के प्रमुख कारणों में शीर्ष पर रहने वाली यह बीमारी अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि कम उम्र के युवाओं और बच्चों को भी अपना शिकार बना रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, (Cardiovascular Diseases Risk in Youth) में लगातार हो रही वृद्धि का मुख्य कारण हमारी बदलती जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतें हैं। इसके साथ ही सर्दियों का मौसम और पर्यावरणीय बदलाव भी हार्ट अटैक के जोखिम को कई गुना बढ़ा देते हैं, जिससे बचाव के लिए निरंतर प्रयास करना अनिवार्य हो गया है।

वॉक करने की आदत: हृदय रोगों के खिलाफ एक ढाल
वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जिम में भारी कसरत करने के बजाय, नियमित रूप से हल्के स्तर का व्यायाम भी दिल के लिए चमत्कार कर सकता है। हालिया शोध बताते हैं कि यदि आप केवल पैदल चलने को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो हृदय संबंधी जटिलताओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अध्ययन के अनुसार, (Walking Habit for Heart Health) विकसित करना आपके जीवन को लंबी उम्र दे सकता है। दिनभर में 9000 कदम चलने का लक्ष्य पूरा करने से हार्ट-अटैक की संभावना 30 से 40 फीसदी तक कम हो सकती है, जो किसी भी दवा से कम प्रभावी नहीं है।
9000 कदम और 50 फीसदी तक कम स्ट्रोक का खतरा
‘जर्नल सर्कुलेशन’ में प्रकाशित एक महत्वपूर्ण अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि जो वयस्क रोजाना 6,000 से 9,000 कदम चलते हैं, उनमें स्ट्रोक या दिल का दौरा पड़ने की आशंका 40-50 फीसदी तक कम हो जाती है। वैज्ञानिकों की टीम ने आठ अलग-अलग अध्ययनों का विश्लेषण करने के बाद पाया कि (Daily Walking Steps Goal) न केवल शरीर को सक्रिय रखता है, बल्कि हृदय रोगों के कारण होने वाली असामयिक मृत्यु के खतरे को भी टाल देता है। आज के समय में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है, जिससे निपटने का सबसे आसान तरीका ‘पैदल चलना’ ही है।
उम्रदराज लोगों के लिए वरदान साबित होती सैर
एक व्यापक शोध के दौरान 18 साल से अधिक आयु के लगभग 20,152 प्रतिभागियों की आदतों का बारीकी से अध्ययन किया गया। इसमें यह स्पष्ट हुआ कि 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग अगर अपने वॉकिंग स्टेप्स बढ़ाते हैं, तो वे (CVD Risk Reduction in Seniors) में बड़ी सफलता पा सकते हैं। हालांकि युवाओं के मामले में यह संबंध अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सीवीडी उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या है, जिसकी नींव जवानी में ही पड़ जाती है। उच्च रक्तचाप, मोटापा और मधुमेह जैसे कारक इस खतरे को और बढ़ा देते हैं, जिसे पैदल चलकर नियंत्रित किया जा सकता है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की सलाह: 10,000 कदम का लक्ष्य
हृदय स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी संस्था ‘अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन’ हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम 10,000 कदम चलने की सलाह देती है। पहले के अध्ययनों, जैसे कि मार्च 2022 में ‘द लैंसेट’ में प्रकाशित रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट किया गया था कि (Global Heart Association Guidelines) का पालन करके असमय मृत्यु के खतरे को कम किया जा सकता है। इसके अलावा, ‘जामा इंटरनल मेडिसिन’ के अनुसार, केवल चलना ही काफी नहीं है, बल्कि यदि आप तेज गति से चलने (Brisk Walking) की आदत डालते हैं, तो यह आपकी कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस को और भी बेहतर बना सकता है।
पैदल चलने के बहुआयामी फायदे: केवल दिल ही नहीं, दिमाग भी रहेगा फिट
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का तर्क है कि वॉक करना केवल हृदय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर के ‘सर्विसिंग’ की तरह काम करता है। नियमित वॉक से (Benefits of Daily Physical Activity) कई गुना बढ़ जाते हैं, जैसे वजन का संतुलित रहना और शरीर की अतिरिक्त चर्बी का कम होना। इसके अलावा, यह हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है और शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी रामबाण है, जो तनाव और चिंता जैसे कारकों को कम करने में मदद करता है।
बीमारियों के खिलाफ एक सुरक्षा चक्र का निर्माण
पैदल चलने की आदत आपको न केवल हार्ट अटैक बल्कि टाइप-2 डायबिटीज, स्ट्रोक और कुछ प्रकार के कैंसर से भी बचा सकती है। (Preventing Lifestyle Diseases via Walking) आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। जब आप पैदल चलते हैं, तो आपका रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर में ‘गुड कोलेस्ट्रॉल’ की मात्रा बढ़ती है। यह सुरक्षा चक्र आपको बुढ़ापे में भी आत्मनिर्भर बनाए रखता है और दवाओं पर आपकी निर्भरता को कम करता है। इसलिए, लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का चुनाव करना और छोटी दूरियों के लिए वाहन का त्याग करना एक समझदारी भरा निर्णय है।
स्वस्थ भविष्य के लिए आज ही उठाएं पहला कदम
हृदय को मजबूत बनाने का फॉर्मूला बहुत सरल है: अपने जूतों के फीते बांधें और निकल पड़ें। (Incorporate Walking into Daily Routine) करने के लिए आपको किसी महंगे उपकरण की आवश्यकता नहीं है। सुबह की ताजी हवा में या शाम को खाने के बाद की गई सैर आपके दिल की धड़कनों को लयबद्ध रख सकती है। याद रखें, एक स्वस्थ दिल ही एक खुशहाल जीवन का आधार है। आज से ही अपने फोन में स्टेप काउंटर चालू करें और 9000 कदमों के उस लक्ष्य की ओर बढ़ें जो आपको अस्पताल के आईसीयू से दूर रख सकता है।



