स्वास्थ्य

Papaya Seeds – जानें पाचन और आंतों की सेहत के लिए कितने असरदार हैं ये काले बीज…

Papaya Seeds – पपीता लंबे समय से पाचन के लिए फायदेमंद फल माना जाता रहा है, लेकिन इसके छोटे काले बीज अक्सर कूड़ेदान में चले जाते हैं। कम ही लोग जानते हैं कि इन्हीं बीजों में ऐसे प्राकृतिक तत्व मौजूद होते हैं जो आंतों की सेहत को सहारा दे सकते हैं। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक पोषण विज्ञान तक, दोनों ही पपीते के बीजों को सीमित मात्रा में उपयोगी मानते हैं। हालांकि, इनके सेवन को लेकर जागरूकता और सही जानकारी होना जरूरी है।

पाचन क्रिया को सक्रिय करने में भूमिका

विशेषज्ञों के अनुसार पपीते के बीजों में ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं जो भोजन को तोड़ने की प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं। जब खाना ठीक से पचता है तो गैस, अपच और पेट भारी होने जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं। यही कारण है कि कुछ लोग इन्हें भोजन के बाद सीमित मात्रा में लेते हैं। हालांकि यह किसी उपचार का विकल्प नहीं है, लेकिन संतुलित आहार के साथ ये पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माने जाते हैं।

आंतों की सफाई में सहायक गुण

पोषण विशेषज्ञ बताते हैं कि पपीते के बीजों में एंटी-पैरासाइट गुण पाए जाते हैं। माना जाता है कि ये आंतों में मौजूद कुछ हानिकारक जीवाणुओं और परजीवियों को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। इसी वजह से इन्हें प्राकृतिक गट क्लेंजर के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि इस विषय पर व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन सीमित हैं, इसलिए इन्हें चमत्कारी समाधान मानने के बजाय संतुलित जीवनशैली का हिस्सा समझना बेहतर है।

कब्ज और सूजन में राहत की संभावना

जिन लोगों को बार-बार कब्ज की शिकायत रहती है, उनके लिए फाइबर युक्त आहार अहम भूमिका निभाता है। पपीते के बीजों में भी फाइबर मौजूद होता है, जो मल त्याग की प्रक्रिया को सहज बनाने में मदद कर सकता है। साथ ही इनमें पाए जाने वाले कुछ तत्व पेट की सूजन और ब्लोटिंग को कम करने में सहायक माने जाते हैं। हालांकि मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि अधिक सेवन से उल्टा असर भी हो सकता है।

गट बैक्टीरिया के संतुलन पर असर

स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए आंतों में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का संतुलन जरूरी है। कुछ अध्ययनों में संकेत मिला है कि पपीते के बीज अच्छे बैक्टीरिया के विकास को समर्थन दे सकते हैं। इससे समग्र पाचन तंत्र को संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन्हें किसी भी डाइट में शामिल करने से पहले अपनी शारीरिक जरूरतों को समझना जरूरी है।

लिवर और डिटॉक्स से जुड़ी चर्चा

पपीते के बीजों को लेकर यह भी कहा जाता है कि वे शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहयोगी हो सकते हैं। कुछ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इन्हें लिवर सपोर्ट के रूप में देखा गया है। हालांकि इस दावे पर अभी और शोध की जरूरत है। इसलिए इन्हें किसी भी चिकित्सकीय उपचार के स्थान पर नहीं अपनाया जाना चाहिए।

कैसे करें सेवन और क्या रखें ध्यान

विशेषज्ञों की सलाह है कि शुरुआत में दिन में 5 से 7 बीज पर्याप्त होते हैं। इन्हें धूप में सुखाकर पीस सकते हैं या सलाद और स्मूदी में थोड़ी मात्रा मिलाई जा सकती है। खाली पेट सेवन से बचने की सलाह दी जाती है।

सावधानी भी जरूरी है। अधिक मात्रा में सेवन न करें। गर्भवती महिलाएं या किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोग पहले डॉक्टर से परामर्श लें। बच्चों को सीमित मात्रा में ही दें। यदि पेट में जलन या एलर्जी जैसी प्रतिक्रिया हो तो सेवन तुरंत बंद कर दें।

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