MagnesiumDeficiency – शरीर में कमी के संकेत और सावधानी के उपाय
MagnesiumDeficiency – शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जिन खनिज तत्वों की जरूरत होती है, उनमें मैग्नीशियम का अहम स्थान है। यह तत्व मांसपेशियों की कार्यप्रणाली से लेकर तंत्रिका तंत्र और हृदय की सेहत तक कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण कई लोगों में मैग्नीशियम की कमी देखी जा रही है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य थकान जैसे लग सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक कमी बनी रहने पर यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। इसलिए समय रहते इसके संकेतों को पहचानना और जरूरी कदम उठाना आवश्यक है।

मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी
मैग्नीशियम की कमी का सबसे आम संकेत मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन के रूप में सामने आता है। कई लोग रात में पैरों में दर्द या अचानक झटके जैसी समस्या की शिकायत करते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर मांसपेशियां ठीक से शिथिल नहीं हो पातीं, जिससे दर्द और जकड़न बढ़ सकती है।
लगातार कमजोरी महसूस होना या हल्का-सा काम करने पर थक जाना भी इसका संकेत हो सकता है। यदि यह समस्या बार-बार हो रही है तो खानपान की समीक्षा करना जरूरी हो जाता है।
थकान और मानसिक अस्थिरता
शरीर में ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया में भी मैग्नीशियम की भूमिका होती है। इसकी कमी से व्यक्ति को बिना कारण थकान महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में चिड़चिड़ापन, घबराहट या ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई भी देखी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पर्याप्त नींद के बाद भी थकान दूर नहीं हो रही या मानसिक बेचैनी बनी रहती है, तो यह केवल तनाव नहीं बल्कि पोषक तत्वों की कमी का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है।
हृदय की धड़कन में अनियमितता
मैग्नीशियम हृदय की धड़कन को संतुलित रखने में सहायक होता है। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों को धड़कन तेज या अनियमित महसूस हो सकती है। हालांकि हर अनियमित धड़कन का कारण यही हो, ऐसा जरूरी नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए।
यदि सीने में असहजता, चक्कर या अत्यधिक घबराहट जैसी स्थिति बने, तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। संतुलित आहार के साथ नियमित जांच भी आवश्यक मानी जाती है।
नींद से जुड़ी परेशानियां
नींद की गुणवत्ता पर भी मैग्नीशियम का असर पड़ता है। इसकी कमी से अनिद्रा या बार-बार नींद खुलने की समस्या हो सकती है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि संतुलित स्तर होने पर यह शरीर को शांत करने और गहरी नींद में मदद करता है।
यदि लंबे समय से नींद पूरी नहीं हो रही, तो यह केवल जीवनशैली का असर नहीं बल्कि पोषण से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।
कौन से खाद्य पदार्थ हैं लाभकारी
मैग्नीशियम की कमी से बचने के लिए संतुलित आहार सबसे अहम उपाय है। हरी पत्तेदार सब्जियां, मेवे, बीज, साबुत अनाज और दालें इसके अच्छे स्रोत माने जाते हैं। केले, बादाम, कद्दू के बीज और पालक जैसे खाद्य पदार्थ दैनिक आहार में शामिल किए जा सकते हैं।
हालांकि सप्लीमेंट लेने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि जरूरत से ज्यादा मात्रा भी नुकसानदायक हो सकती है।
संतुलित जीवनशैली की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि पोषक तत्वों की कमी अक्सर असंतुलित जीवनशैली का परिणाम होती है। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और संतुलित भोजन शरीर को आवश्यक तत्व प्रदान करने में मदद करते हैं। किसी भी लक्षण को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच और परामर्श लेना समझदारी भरा कदम है।



