स्वास्थ्य

LiverCancer – इस खतरनाक स्टेज-4 लिवर कैंसर से हुआ रिंकू सिंह के पिता का निधन

LiverCancer – भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार सुबह ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार वे स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें 21 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

लिवर कैंसर: एक गंभीर वैश्विक चुनौती

लिवर कैंसर दुनिया भर में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। विश्व स्तर पर हर वर्ष लाखों नए मामले सामने आते हैं। यह बीमारी पुरुषों में अपेक्षाकृत अधिक देखी जाती है, हालांकि महिलाओं में भी इसके मामले कम नहीं हैं।

यह कैंसर लिवर की कोशिकाओं में शुरू होता है। इसका सबसे सामान्य प्रकार हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा है, जो लिवर की मुख्य कोशिकाओं से विकसित होता है। कई मामलों में कैंसर शरीर के अन्य अंगों से फैलकर भी लिवर तक पहुंच सकता है।

स्टेज-4 का क्या मतलब होता है?

लिवर कैंसर को सामान्यतः चार चरणों में बांटा जाता है। बीमारी की गंभीरता और फैलाव के आधार पर इसका स्टेज तय किया जाता है। स्टेज जितना आगे बढ़ता है, उपचार उतना जटिल हो जाता है।

स्टेज 1:
इस शुरुआती चरण में लिवर में एक ट्यूमर पाया जाता है जो कैंसरयुक्त होता है, लेकिन वह आसपास की रक्त वाहिकाओं या अंगों तक नहीं फैला होता। समय रहते पहचान हो जाए तो उपचार की संभावना बेहतर रहती है।

स्टेज 2:
इस चरण में ट्यूमर का आकार बढ़ सकता है या वह पास की रक्त वाहिकाओं तक फैल सकता है। एक से अधिक ट्यूमर भी हो सकते हैं, हालांकि आमतौर पर उनका आकार सीमित होता है।

स्टेज 3:
यह चरण अधिक गंभीर माना जाता है। ट्यूमर बड़ा हो सकता है या कई ट्यूमर मौजूद हो सकते हैं। कैंसर नजदीकी अंगों या लसीका ग्रंथियों तक पहुंच सकता है।

स्टेज 4:
यह सबसे उन्नत अवस्था होती है। इस चरण में कैंसर लिवर से बाहर शरीर के अन्य हिस्सों, जैसे फेफड़ों या हड्डियों तक फैल चुका होता है। ऐसे मामलों में बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित करना अत्यंत कठिन हो जाता है।

क्यों खतरनाक है अंतिम चरण?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है तो उपचार के विकल्प सीमित हो जाते हैं। इस अवस्था में इलाज का उद्देश्य अक्सर बीमारी को नियंत्रित करना और मरीज को आराम पहुंचाना होता है, न कि पूर्ण रूप से ठीक करना।

इसी वजह से डॉक्टर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देते हैं। लगातार थकान, भूख में कमी, वजन घटने, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द या सूजन जैसे संकेतों पर तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

लिवर कैंसर के बढ़ते मामले

विशेषज्ञ बताते हैं कि शराब का अत्यधिक सेवन लिवर की बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है, लेकिन केवल यही वजह नहीं है। हाल के वर्षों में फैटी लिवर रोग के मामले तेजी से बढ़े हैं, यहां तक कि उन लोगों में भी जो शराब नहीं पीते। अनियंत्रित फैटी लिवर आगे चलकर सिरोसिस और कैंसर का रूप ले सकता है।

इसके अलावा हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमण, मोटापा, मधुमेह और आनुवांशिक कारण भी जोखिम बढ़ाते हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और जीवनशैली में सुधार से जोखिम को कम किया जा सकता है।

रिंकू सिंह के पिता का निधन इस बात की याद दिलाता है कि गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान और इलाज कितना आवश्यक है।

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