स्वास्थ्य

Iron-deficiency: आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के शुरुआती संकेत और सावधानियाँ

Iron-deficiency: आयरन की कमी आजकल काफी आम समस्या बन गई है, खासकर महिलाओं में। यह केवल कमजोरी या थकान तक सीमित नहीं है बल्कि शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों और प्रक्रियाओं पर असर डाल सकती है। अगर समय रहते इसका पता न चले तो धीरे-धीरे एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है। इसलिए शरीर में आयरन की कमी के शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है।

Iron-deficiency
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आयरन और शरीर की भूमिका

आयरन हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आवश्यक होता है। हीमोग्लोबिन का काम रक्त में ऑक्सीजन पहुँचाना है। जब आयरन की कमी होती है तो यह प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है और शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसके कारण थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी महसूस होने लगती है।

त्वचा और बालों पर प्रभाव

आयरन की कमी से त्वचा धीरे-धीरे पीली पड़ने लगती है। यह इसलिए होता है क्योंकि खून की मात्रा और गुणवत्ता कम हो जाती है। इसके अलावा बालों की जड़ों तक पोषण नहीं पहुंचता, जिससे बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। यह महिलाओं में बहुत आम देखा गया है और अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।

सांस फूलना और चक्कर आना

हल्का काम करने पर भी अगर आपको सांस फूलने या चक्कर आने की समस्या हो रही है तो यह आयरन की कमी का संकेत हो सकता है। शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने के कारण ऑक्सीजन का स्तर घट जाता है और अंगों को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती।

दिमाग पर असर

आयरन की कमी का असर दिमाग पर भी पड़ता है। ऑक्सीजन की कमी से सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और ध्यान केंद्रित करने में कमी आने लगती है। बच्चों और युवाओं में यह सीखने और याददाश्त पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

इम्यूनिटी और थकान

आयरन की कमी से शरीर की इम्यूनिटी भी प्रभावित होती है। इसके कारण सामान्य संक्रमण जल्दी पकड़ लेते हैं और शरीर जल्दी थक जाता है। नियमित थकान, कमजोरी और कार्य क्षमता में कमी महसूस होना आयरन की कमी का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।

बचाव और समाधान

आयरन की कमी से बचने के लिए आयरन युक्त आहार का सेवन करना जरूरी है। इसमें हरी पत्तेदार सब्जियाँ, दालें, नट्स, अंडा और रेड मीट शामिल हैं। इसके अलावा, विटामिन C का सेवन आयरन को शरीर में अच्छे से अवशोषित करने में मदद करता है। अगर लक्षण लगातार बने रहते हैं तो डॉक्टर से संपर्क कर ब्लड टेस्ट के माध्यम से आयरन और हीमोग्लोबिन का स्तर जांचना चाहिए।

समय पर पहचान और सही आहार के माध्यम से आयरन की कमी और एनीमिया को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि इस पर ध्यान देने से थकान, बालों का झड़ना, कमजोरी और दिमागी असमर्थता जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

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