IodizedSalt – जानें थायराइड स्वास्थ्य के लिए कौन सा नमक बेहतर…
IodizedSalt – भारतीय रसोई में नमक सिर्फ स्वाद बढ़ाने का साधन नहीं, बल्कि दैनिक पोषण का अहम हिस्सा भी है। पिछले कुछ वर्षों में साधारण आयोडीन युक्त नमक की जगह सेंधा नमक या पिंक सॉल्ट का चलन तेजी से बढ़ा है। कई लोग इसे अधिक प्राकृतिक और खनिजों से भरपूर मानकर नियमित रूप से इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव को समझदारी से अपनाने की जरूरत है।

हाल ही में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका सहरावत ने सोशल मीडिया के जरिए इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की। उनका कहना है कि आयोडीन की अनदेखी करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है, खासकर थायराइड से जुड़ी समस्याओं के संदर्भ में।
आयोडीन और थायराइड का सीधा संबंध
थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। इन हार्मोनों के निर्माण में आयोडीन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि शरीर को पर्याप्त आयोडीन नहीं मिलता, तो थायराइड हार्मोन का उत्पादन घट सकता है।
आयोडीन की कमी के कारण थकान, वजन बढ़ना, कब्ज, बालों का झड़ना और ठंड अधिक लगना जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। लंबे समय तक कमी रहने पर हाइपोथायरायडिज्म की स्थिति विकसित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आयोडीन युक्त नमक का नियमित उपयोग इस कमी को रोकने में सहायक होता है।
सेंधा नमक: क्या सच में ज्यादा फायदेमंद?
सेंधा नमक को अक्सर मिनरल्स का स्रोत बताया जाता है। हालांकि पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें मौजूद खनिजों की मात्रा बहुत कम होती है और वे संतुलित आहार से आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं।
डॉ. सहरावत के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति केवल मिनरल्स के नाम पर सेंधा नमक का अधिक सेवन करता है, तो यह रक्तचाप बढ़ने का कारण भी बन सकता है। नमक चाहे किसी भी प्रकार का हो, अत्यधिक मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
बढ़ते हाइपोथायरायडिज्म के मामले
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आयोडीन युक्त नमक का कम उपयोग भी कुछ क्षेत्रों में थायराइड समस्याओं की वृद्धि का एक कारण हो सकता है। हालांकि किसी एक कारण को पूरी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन आयोडीन की कमी एक ज्ञात जोखिम कारक है।
विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि हर व्यक्ति की पोषण जरूरत अलग होती है। यदि किसी को पहले से थायराइड की समस्या है, तो नमक या आहार में बदलाव करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
संतुलन ही है सही रास्ता
आहार विशेषज्ञों का सुझाव है कि आयोडीन युक्त नमक को दैनिक उपयोग में प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जबकि सेंधा नमक का सीमित और अवसरानुसार उपयोग किया जा सकता है। सबसे अहम बात यह है कि किसी भी ट्रेंड को अपनाने से पहले उसके वैज्ञानिक पक्ष को समझना जरूरी है।
संतुलित भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता के माध्यम से थायराइड जैसी समस्याओं से बचाव संभव है।



