ImmunityBoost – जानें बदलते मौसम में संक्रमण से बचाव के उपाय
ImmunityBoost – सर्दी का असर अब कम होने लगा है और मौसम धीरे-धीरे करवट बदल रहा है। तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव का यह दौर स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। चिकित्सकों के अनुसार, इसी समय वातावरण में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। तापमान में बदलाव सूक्ष्मजीवों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता थोड़ी कमजोर पड़ सकती है और सर्दी-जुकाम, फ्लू, वायरल बुखार जैसी समस्याएं तेजी से फैलने लगती हैं।

श्वसन तंत्र पर सबसे पहले असर
मौसम बदलते ही सबसे अधिक प्रभाव श्वसन तंत्र पर दिखाई देता है। हवा में मौजूद धूल और परागकण एलर्जी की समस्या को बढ़ा सकते हैं। अस्थमा के मरीजों को इस दौरान खास सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। इन्फ्लुएंजा जैसे वायरस भी तेजी से फैलते हैं, जिसके कारण गले में खराश, खांसी और बुखार जैसी शिकायतें आम हो जाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाते समय मास्क का उपयोग और हाथों की नियमित सफाई संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है। छोटी-सी सावधानी बड़ी बीमारी से बचाव का माध्यम बन सकती है।
मच्छरों से फैलने वाले रोगों का खतरा
तापमान में बदलाव और कहीं-कहीं हल्की बारिश मच्छरों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है। ऐसे में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर लोगों को घर और आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह देता है, क्योंकि ठहरा हुआ पानी मच्छरों के प्रजनन का मुख्य कारण है।
इसके साथ ही दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन से टाइफाइड, पीलिया और पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीना और साफ-सफाई का ध्यान रखना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी कदम हैं।
जीवनशैली में लापरवाही से बढ़ती समस्या
बदलते मौसम में अक्सर लोग कपड़ों या खानपान को लेकर लापरवाही बरतते हैं। अचानक ठंडी चीजें खाना या बिना जरूरत गर्म कपड़े छोड़ देना शरीर को संक्रमण के प्रति संवेदनशील बना सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के अनुरूप धीरे-धीरे बदलाव करना चाहिए, ताकि शरीर को अनुकूल होने का समय मिल सके।
इसके अलावा, संतुलित दिनचर्या बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। नियमित व्यायाम, हल्का और पौष्टिक भोजन तथा पर्याप्त आराम शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार रखते हैं।
इम्युनिटी मजबूत रखना क्यों जरूरी
रोग प्रतिरोधक क्षमता शरीर की पहली सुरक्षा ढाल है। यदि यह मजबूत होगी तो संक्रमण होने की स्थिति में भी शरीर जल्दी ठीक हो सकता है। आहार में विटामिन-सी, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। आंवला, संतरा, नींबू, अदरक और तुलसी जैसे प्राकृतिक स्रोत इस मौसम में लाभकारी हो सकते हैं।
इसके साथ ही कम से कम सात से आठ घंटे की नींद और तनाव से दूरी भी जरूरी है। मानसिक तनाव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसलिए योग, ध्यान या हल्की शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
सतर्कता ही सबसे प्रभावी उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम परिवर्तन के इस दौर में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। समय पर टीकाकरण, साफ-सफाई, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच संक्रमण के खतरे को कम कर सकते हैं। छोटी-छोटी सावधानियां न केवल व्यक्ति को सुरक्षित रखती हैं, बल्कि समाज में संक्रमण की श्रृंखला को भी तोड़ने में मदद करती हैं।



