स्वास्थ्य

HoliHealth – भांग और शराब से बढ़ सकता है जोखिम

HoliHealth – होली का त्योहार रंग, उमंग और मिलन का प्रतीक है। लेकिन कई बार उत्सव की आड़ में की गई लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। खासकर भांग और शराब का सेवन, जिसे कुछ लोग त्योहार की परंपरा मानते हैं, शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर नकारात्मक असर डाल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि क्षणिक उत्साह के लिए लिया गया नशा हृदय और लिवर जैसी संवेदनशील प्रणालियों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में उत्सव के बीच सजग रहना बेहद जरूरी है।

लिवर पर बढ़ता दबाव

शराब शरीर में पहुंचते ही खून के जरिए लिवर तक जाती है, जहां उसे तोड़ने और बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू होती है। अधिक मात्रा में सेवन करने पर लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और विषैले तत्व जमा होने लगते हैं। यदि कोई व्यक्ति पहले से फैटी लिवर, मधुमेह या अन्य चयापचय संबंधी समस्या से जूझ रहा है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि अत्यधिक शराब सेवन से तीव्र लिवर सूजन जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी साबित हो सकती हैं।

भांग और शराब का संयुक्त प्रभाव

भांग में मौजूद सक्रिय तत्व टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल शरीर की तंत्रिका प्रणाली पर असर डालता है। जब इसे शराब के साथ लिया जाता है, तो दोनों का संयुक्त प्रभाव मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकता है। इससे डिहाइड्रेशन और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की समस्या बढ़ सकती है। त्योहार के दिन गर्मी और लगातार गतिविधि के कारण यह जोखिम और बढ़ जाता है। कई मामलों में उलझन, चक्कर या बेहोशी की स्थिति भी देखी गई है।

हृदय पर संभावित खतरे

भांग का सेवन करने के कुछ ही समय बाद दिल की धड़कन तेज हो सकती है। इसे चिकित्सकीय भाषा में टैकीकार्डिया कहा जाता है। जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी समस्या है, उनके लिए यह स्थिति खतरनाक हो सकती है। वहीं शराब अधिक मात्रा में लेने से अनियमित धड़कन या एरिथमिया की आशंका रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक नशा धमनियों में संकुचन पैदा कर सकता है, जिससे हृदयाघात का खतरा बढ़ जाता है, भले ही व्यक्ति सामान्य रूप से स्वस्थ दिखता हो।

छोटी लापरवाही, बड़ा नुकसान

त्योहार की भीड़-भाड़ और उत्साह में लोग अक्सर अपनी सीमाएं भूल जाते हैं। नशे की हालत में संतुलन खोना, गिरना या सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होना आम जोखिम है। इसके अलावा निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित होती है, जिससे अप्रत्याशित घटनाएं हो सकती हैं।

कैसे रखें खुद को सुरक्षित

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि होली के दिन नशे की बजाय प्राकृतिक पेय पदार्थों को प्राथमिकता दें। बिना भांग वाली ठंडाई, नींबू पानी या ताजे फलों का रस बेहतर विकल्प हो सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। यदि सीने में दर्द, घबराहट, सांस लेने में तकलीफ या तेज धड़कन महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।

त्योहार का असली आनंद तभी है जब शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहें। थोड़ी सी समझदारी आपको और आपके परिवार को अनावश्यक जोखिम से बचा सकती है।

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