स्वास्थ्य

Hereditary Diabetes Prevention: बाप-दादा को है शुगर तो तुरंत हो जाएं सावधान, डॉक्टर ने बताया सबसे बड़ा खतरा…

Hereditary Diabetes Prevention: आज के दौर में डायबिटीज, थायराइड और हाई बीपी जैसी बीमारियां लगभग हर दूसरे घर का हिस्सा बन चुकी हैं। खासकर यदि आपके परिवार के इतिहास या माता-पिता को यह समस्याएं रही हैं, तो (Genetic Health Risk) आपके लिए कई गुना बढ़ जाता है। प्रसिद्ध डॉक्टर मल्हार गणला ने इस गंभीर विषय पर रोशनी डालते हुए बताया है कि जिन लोगों को विरासत में इन बीमारियों का खतरा मिला है, उनके लिए ‘प्रोटीन पाउडर’ एक सप्लीमेंट नहीं बल्कि एक सुरक्षा कवच की तरह काम कर सकता है।

Hereditary Diabetes Prevention
Hereditary Diabetes Prevention

प्रोटीन पाउडर को लेकर फैला भ्रम और कड़वा सच

आमतौर पर लोग प्रोटीन सप्लीमेंट्स को ‘आर्टिफिशियल’ या मिलावटी मानकर उनसे दूरी बना लेते हैं, लेकिन डॉक्टर मल्हार का नजरिया बिल्कुल अलग और तार्किक है। उनका कहना है कि 30 की उम्र पार करने के बाद आप जिन (Hereditary Diabetes Prevention) का सेवन मजबूरी में करेंगे, वे भी फैक्ट्रियों में ही तैयार की जाती हैं। ऐसे में बीमारियों की चपेट में आने के बाद दवाइयां खाने से बेहतर है कि पहले ही सही पोषण लेकर शरीर को मजबूत बनाया जाए।

शरीर की प्रोटीन जरूरत और डाइट का बड़ा अंतर

एक स्वस्थ मानव शरीर को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए प्रतिदिन लगभग 80 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। आंकड़ों की मानें तो (Daily Protein Intake) के मामले में हम अक्सर पिछड़ जाते हैं क्योंकि प्राकृतिक डाइट से हमें मुश्किल से 40 ग्राम प्रोटीन ही मिल पाता है। बाकी बचे हुए 40 ग्राम की कमी को पूरा करना ही सबसे बड़ी चुनौती है, जिसे अक्सर लोग गलत तरीके से भरने की कोशिश करते हैं।

शाकाहारी डाइट और ‘कैलोरी लोड’ का छिपा हुआ खतरा

प्रोटीन की कमी को पूरा करने के चक्कर में शाकाहारी लोग अक्सर दाल, पनीर, सोया और मेवों का सेवन जरूरत से ज्यादा करने लगते हैं। डॉक्टर के अनुसार, इस प्रक्रिया में (Total Calorie Count) अनियंत्रित रूप से बढ़ जाता है। यही अतिरिक्त कैलोरी शरीर में फैट बनकर जमा होती है और इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा करती है, जो अंततः आपको डायबिटीज की ओर धकेलने का काम करती है।

व्हे आइसोलेट बनाम पारंपरिक शाकाहारी स्रोत

डॉक्टर मल्हार ने कैलोरी के गणित को समझाते हुए एक बेहद दिलचस्प तुलना पेश की है। यदि आप 40 ग्राम प्रोटीन (Whey Isolate Protein) से प्राप्त करते हैं, तो आपको मात्र 160 कैलोरी मिलती है। इसके विपरीत, वही 40 ग्राम प्रोटीन अगर दालों, ड्राई फ्रूट्स या डेयरी उत्पादों से लिया जाए, तो शरीर में लगभग 570 कैलोरी का भारी बोझ जमा हो जाता है। यह अंतर स्वास्थ्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

मेटाबॉलिक बीमारियों की जड़ है एक्स्ट्रा कैलोरी

हर दिन शरीर में जाने वाली 500 अतिरिक्त कैलोरी धीरे-धीरे चर्बी का रूप ले लेती है, जो मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए खतरनाक है। डॉक्टर गणला का तर्क है कि (Metabolic Disorders) से बचने के लिए कैलोरी को नियंत्रित रखना अनिवार्य है। शाकाहारी स्रोतों से प्रोटीन का लक्ष्य पूरा करने की कोशिश में हम अनजाने में मोटापे और शुगर को न्योता दे देते हैं, जो भविष्य में घातक साबित हो सकता है।

चने और फलियों का पोषण संबंधी विश्लेषण

डॉक्टर के आंकड़ों के मुताबिक, जहां दालों में 100 कैलोरी के भीतर सिर्फ 7 ग्राम प्रोटीन मिल पाता है, वहीं मेवे बहुत कैलोरी डेंस होते हैं। व्हे आइसोलेट को (Effective Protein Source) माना गया है क्योंकि इसमें प्रति ग्राम प्रोटीन पर केवल 4 कैलोरी होती है। इसके विपरीत, डेयरी और फलियों में प्रोटीन के साथ कार्बोहाइड्रेट और फैट का ऐसा मिश्रण होता है जो वेट मैनेजमेंट को मुश्किल बना देता है।

मोटापे और शुगर से बचने का सटीक रास्ता

डॉक्टर मल्हार की सलाह उन लोगों के लिए रामबाण है जो फिट रहना चाहते हैं लेकिन प्रोटीन की कमी से जूझ रहे हैं। उनके अनुसार, (Weight Management Strategy) में प्रोटीन पाउडर का सही इस्तेमाल आपको बिना वजन बढ़ाए जरूरी पोषण दे सकता है। यह न केवल मांसपेशियों को बनाए रखता है बल्कि रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखने में भी मदद करता है, जिससे डायबिटीज का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस को समझना है जरूरी

जब हमारे शरीर में कैलोरी का बोझ बढ़ता है, तो शरीर के सेल्स इंसुलिन के प्रति सही प्रतिक्रिया देना बंद कर देते हैं। इस स्थिति को (Insulin Resistance) कहा जाता है, जो टाइप-2 डायबिटीज की पहली सीढ़ी है। डॉक्टर का कहना है कि हाई-प्रोटीन और लो-कैलोरी डाइट लेकर इस स्थिति को सुधारा जा सकता है और वंशानुगत बीमारियों के चक्र को तोड़ा जा सकता है।

एक जागरूक स्वास्थ्य निर्णय की आवश्यकता

अंततः, यह समझना महत्वपूर्ण है कि प्रोटीन पाउडर कोई ‘जादुई चूर्ण’ नहीं बल्कि विज्ञान आधारित पोषण का एक सुव्यवस्थित स्रोत है। जिन लोगों के परिवार में (Diabetes Inheritance) का इतिहास रहा है, उन्हें अपनी डाइट में प्रोटीन पाउडर को शामिल करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। सही समय पर लिया गया यह फैसला भविष्य में महंगी दवाओं और अस्पतालों के चक्कर काटने से बचा सकता है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.