Health Hazards of Sitting: कुर्सी से चिपके रहे तो शरीर बन जाएगा कबाड़, हर आधे घंटे में बॉडी को रिचार्ज करना है जरूरी…
Health Hazards of Sitting: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सुख-सुविधाओं के इतने गुलाम हो चुके हैं कि घंटों एक ही जगह बैठे रहना हमारी नियति बन गया है। शारदा केयर हेल्थसिटी के विशेषज्ञों का मानना है कि (sedentary lifestyle risks) हमारे शरीर के प्राकृतिक तंत्र को भीतर से खोखला कर रहे हैं। जब हम घंटों बिना हिले-डुले काम करते हैं, तो हमारा मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ जाता है और शरीर की ऊर्जा खर्च करने की क्षमता घटने लगती है, जो भविष्य में गंभीर बीमारियों का आधार बनती है।

हड्डियों और मांसपेशियों पर बढ़ता अदृश्य दबाव
लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहने का सबसे बुरा असर हमारी रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों पर पड़ता है। डॉक्टर स्पष्ट करते हैं कि हमारे शरीर की बनावट गतिशीलता के लिए हुई है, लेकिन (spinal cord health) को नजरअंदाज कर हम अपनी पीठ और गर्दन पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। जब मांसपेशियां लंबे समय तक निष्क्रिय रहती हैं, तो उनमें जकड़न आने लगती है और रक्त का संचार धीमा हो जाता है, जिससे जोड़ों के दर्द की समस्या कम उम्र में ही घेर लेती है।
जिम से ज्यादा जरूरी है कुर्सी का मोह छोड़ना
अक्सर लोग सोचते हैं कि सुबह एक घंटा जिम जाकर वे दिन भर की सुस्ती की भरपाई कर लेंगे, लेकिन विज्ञान कुछ और ही कहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, (daily physical activity) का महत्व जिम जाने से कहीं ज्यादा है। अगर आप दिन भर ऑफिस में जमे रहते हैं, तो एक घंटे की वर्किंग आउट उस नुकसान को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती जो लगातार बैठने से हुआ है। इसलिए शरीर को स्वस्थ रखने के लिए लगातार गतिशीलता बनाए रखना अनिवार्य है।
एक्सपर्ट की राय और ’30-30 नियम’ का जादू
फिजिशियन डॉ. नीरज कुमार के अनुसार, शरीर को सक्रिय रखने का सबसे सटीक और वैज्ञानिक तरीका ’30-30 नियम’ है। इस नियम का पालन करते हुए आपको हर 30 मिनट में (ergonomic workplace habits) को अपनाना चाहिए और अपनी कुर्सी से उठना चाहिए। एक सामान्य ऑफिस शिफ्ट के दौरान कम से कम 8 से 10 बार खड़े होना या थोड़ा चलना आपके शरीर के ‘रेस्ट मोड’ को ‘एक्टिव मोड’ में बदल देता है, जिससे थकान का अनुभव कम होता है।
छोटे ब्रेक और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार
हर आधे घंटे में सिर्फ दो मिनट का ब्रेक आपके रक्त परिसंचरण को जादुई रूप से सुधार सकता है। जब आप अपनी सीट से उठकर थोड़ा टहलते हैं, तो (blood circulation improvement) के कारण आपके मस्तिष्क को अधिक ऑक्सीजन मिलती है। इससे न केवल आपके पैरों और कंधों की जकड़न खत्म होती है, बल्कि काम के प्रति आपकी एकाग्रता भी बढ़ती है। यह छोटे-छोटे अंतराल आपके शरीर के अंगों को फिर से जीवंत करने का काम करते हैं।
बैठने की लत और गंभीर बीमारियों का खतरा
अगर आप अब भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, तो जान लें कि लगातार बैठे रहना जानलेवा बीमारियों को दावत देना है। चिकित्सा शोध बताते हैं कि (obesity and diabetes prevention) के लिए चलना-फिरना बहुत जरूरी है, क्योंकि लंबे समय तक बैठने से ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर अनियंत्रित हो जाता है। यह आदत धीरे-धीरे हृदय रोग और टाइप-2 मधुमेह की ओर ले जाती है, जिसका इलाज दवाइयों से ज्यादा आपकी सक्रियता में छिपा है।
कुर्सी से उठकर क्या करें: आसान टिप्स
कुर्सी से उठने का मतलब यह नहीं है कि आप कोई भारी एक्सरसाइज शुरू कर दें, बल्कि छोटी गतिविधियां भी बड़ा बदलाव लाती हैं। आप अपनी सीट से उठकर (gentle stretching exercises) कर सकते हैं, पानी पीने जा सकते हैं या किसी सहकर्मी से फोन के बजाय चलकर बात कर सकते हैं। ये छोटी-छोटी हरकतें आपके लिम्फेटिक सिस्टम को सक्रिय रखती हैं और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती हैं।
पोस्चर में सुधार और मानसिक ताजगी
लगातार बैठने से हमारा पोस्चर खराब हो जाता है, जिससे हम समय से पहले बूढ़े और झुके हुए दिखने लगते हैं। नियमित अंतराल पर उठने से (posture correction techniques) स्वाभाविक रूप से काम करने लगती हैं और रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है। इसके अलावा, बार-बार उठने से मानसिक तनाव कम होता है और आप खुद को ज्यादा फ्रेश महसूस करते हैं। यह आपकी कार्यक्षमता को बढ़ाने का सबसे सरल और मुफ्त तरीका है।
छोटी आदतें और दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ
अंत में, यह समझना जरूरी है कि स्वास्थ्य कोई एक दिन का चमत्कार नहीं, बल्कि आपकी छोटी-छोटी आदतों का परिणाम है। डॉक्टरों का कहना है कि (preventive healthcare measures) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप बुढ़ापे तक सक्रिय रह सकते हैं। अपने शरीर की पुकार सुनें और उसे वह गतिशीलता दें जिसकी उसे जरूरत है। याद रखें, आपकी कुर्सी आपका आरामगाह हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह आपकी सेहत की दुश्मन भी बन सकती है।



