स्वास्थ्य

Emergency Health Alert: यहाँ पढ़ें इंदौर में डायरिया का तांडव और बचाव की संपूर्ण गाइड

Emergency Health Alert: मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर इन दिनों एक अदृश्य दुश्मन ‘डायरिया’ से जंग लड़ रही है। दूषित पानी के सेवन (Contaminated Water) के कारण शहर के अस्पतालों में मरीजों की कतारें लंबी होती जा रही हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 100 से अधिक लोग इस समय संक्रमण की चपेट में हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक है। जिसे हम अक्सर सामान्य ‘दस्त’ समझकर टाल देते हैं, वह वास्तव में शरीर के भीतर पानी और खनिज लवणों की ऐसी लूट मचाता है कि इंसान चंद घंटों में मौत के करीब पहुंच सकता है।

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डिहाइड्रेशन: शरीर को भीतर से सुखा देने वाली साइलेंट किलिंग

डायरिया का सबसे घातक पहलू शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम और पोटेशियम) का तेजी से खत्म होना है। जब ये आवश्यक तत्व (Electrolyte Imbalance) शरीर से बाहर निकल जाते हैं, तो रक्त का आयतन कम हो जाता है। इस स्थिति को ‘हाइपोवोलेमिक शॉक’ कहा जाता है, जिसमें हृदय अंगों तक खून पहुंचाने में विफल हो जाता है। विशेषकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों में यह संक्रमण इतनी तेजी से बढ़ता है कि समय पर इलाज न मिलने पर गुर्दे (Kidney Failure) तक काम करना बंद कर सकते हैं।

चेतावनी के संकेत: कब मामूली दस्त बन जाता है मेडिकल इमरजेंसी

हर दस्त डायरिया नहीं होता, लेकिन कुछ लक्षणों को पहचानना जान बचा सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि किसी मरीज को दिन भर में 8 से ज्यादा बार पानी जैसे दस्त (Severe Diarrhea) हों, तो सतर्क हो जाएं। इसके अलावा, यदि मल के साथ खून आए, लगातार उल्टियां हों, पेट में तेज मरोड़ उठे या मरीज को पेशाब आना बंद हो जाए, तो यह खतरे की घंटी है। ऐसी स्थिति में घरेलू नुस्खों के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर ‘IV फ्लुइड्स’ या ड्रिप लगवाना ही एकमात्र विकल्प बचता है।

ओआरएस (ORS) का जादू: पानी की कमी को रोकने का अचूक हथियार

संक्रमण की शुरुआत होते ही सबसे पहला काम शरीर के जल स्तर को बनाए रखना है। हर बार दस्त होने के बाद मरीज को ओआरएस (Oral Rehydration Salts) का घोल देना अनिवार्य है। ओआरएस केवल पानी नहीं है, बल्कि यह शरीर में नमक और चीनी के सही संतुलन को बहाल करता है। यदि बाजार का ओआरएस उपलब्ध न हो, तो घर पर चीनी-नमक का घोल या ताजा नारियल पानी (Natural Hydration) देना चाहिए। सादा पानी इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई नहीं कर सकता, इसलिए घोल का ही सहारा लें।

रिकवरी के लिए सही डाइट: क्या खाएं और किन चीजों से बनाएं दूरी

डायरिया के दौरान पाचन तंत्र बेहद कमजोर हो जाता है, इसलिए खान-पान में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। इस समय ‘BRAT’ डाइट (Banana, Rice, Applesauce, Toast) को सबसे सुरक्षित (Digestive Health) माना जाता है क्योंकि ये खाद्य पदार्थ मल को बांधने में मदद करते हैं। वहीं दूसरी ओर, दूध और डेयरी उत्पादों, अत्यधिक मसालेदार भोजन, कैफीन और भारी खान-पान से पूरी तरह परहेज करना चाहिए क्योंकि ये आंतों की सूजन को बढ़ाकर स्थिति को और भी बिगाड़ सकते हैं।

स्वच्छता का संकल्प: दूषित पानी और संक्रमण से कैसे बचें

इंदौर के वर्तमान हालातों को देखते हुए बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। गंदे पानी से बचने के लिए पानी को हमेशा उबालकर (Water Purification) ही पीएं। भोजन बनाने, खाने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना सुनिश्चित करें। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों, गंदे बर्फ के गोलों या कटे हुए फलों से इस मौसम में दूरी बनाना ही समझदारी है। यदि आपके क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता संदिग्ध है, तो क्लोरीन की गोलियों का उपयोग पानी को कीटाणुमुक्त करने के लिए किया जा सकता है।

सामाजिक जागरूकता: समय पर निर्णय ही है जीवन का आधार

डायरिया जैसी बीमारियां अक्सर जानकारी के अभाव में जानलेवा बनती हैं। इंदौर में फैला यह संक्रमण हमें याद दिलाता है कि सार्वजनिक स्वच्छता (Public Hygiene) और व्यक्तिगत सावधानी कितनी महत्वपूर्ण है। जागरूक नागरिक बनकर और समय पर डॉक्टर की सलाह लेकर ही हम इस संकट को टाल सकते हैं। ध्यान रखें, डायरिया के पहले लक्षण को पहचानना और तुरंत हाइड्रेशन शुरू करना ही आपको अस्पताल के बिस्तर तक पहुंचने से बचा सकता है।

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