स्वास्थ्य

CancerPrevention – विशेषज्ञों ने बताए कैंसर जोखिम घटाने वाले 5 आहार विकल्प

CancerPrevention – कैंसर आज सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक ऐसी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है जिसका नाम सुनते ही लोग सिहर उठते हैं। पिछले कुछ वर्षों में इसके मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है और चिंता की बात यह है कि अब युवा वर्ग भी इससे अछूता नहीं रहा। चिकित्सकों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान, प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का बढ़ता सेवन, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे कारक इस बढ़ते खतरे के पीछे बड़ी वजह हैं। हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि यदि समय रहते दैनिक आहार और दिनचर्या में सुधार कर लिया जाए तो जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हाल ही में एक वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से पांच ऐसे खाद्य पदार्थों का उल्लेख किया है, जिन्हें नियमित आहार में शामिल करना फायदेमंद माना जा रहा है।

बैंगनी शकरकंद में मौजूद खास तत्व

विशेषज्ञ के अनुसार बैंगनी रंग की शकरकंद में एंथोसायनिन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। यह तत्व शरीर में सूजन और कोशिकाओं को होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक माना जाता है। कुछ प्रयोगशाला अध्ययनों में यह संकेत मिला है कि यह आंत से जुड़े कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि की गति को धीमा कर सकता है। गहरे रंग वाली शकरकंद में ऐसे सुरक्षात्मक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए इसे पोषण की दृष्टि से बेहतर विकल्प माना जाता है।

ब्रोकली स्प्राउट्स और माइक्रोग्रींस की ताकत

ब्रोकली के छोटे अंकुर और माइक्रोग्रींस पोषण का सघन स्रोत माने जाते हैं। इनमें सल्फोराफेन नामक यौगिक पाया जाता है, जो शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रणाली को सक्रिय करने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन अंकुरों में सल्फोराफेन के बनने वाले तत्व परिपक्व ब्रोकली की तुलना में कई गुना अधिक हो सकते हैं। यही कारण है कि थोड़ी मात्रा भी शरीर को पर्याप्त पोषण प्रदान कर सकती है।

कीवी फल से मिलती एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा

कीवी को भी सूची में शामिल किया गया है। यह विटामिन सी, फाइबर और पॉलीफेनॉल्स का अच्छा स्रोत है। शोध बताते हैं कि नियमित रूप से कीवी का सेवन करने से शरीर की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता बेहतर हो सकती है, जिससे कोशिकाओं को होने वाले नुकसान से सुरक्षा मिलती है। इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने और मल त्याग की नियमितता बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है।

ग्रीन टी का नियमित सेवन

ग्रीन टी में EGCG नामक सक्रिय एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। विभिन्न अध्ययनों में संकेत मिला है कि यह शरीर में ट्यूमर को दबाने वाले तंत्र को समर्थन दे सकता है। जिन समुदायों में ग्रीन टी का नियमित सेवन आम है, वहां कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम अपेक्षाकृत कम पाया गया है। माचा ग्रीन टी में सक्रिय तत्वों की मात्रा अधिक मानी जाती है, इसलिए इसे भी लाभकारी विकल्प के रूप में देखा जाता है।

बींस से बढ़े फाइबर का सेवन

आहार में फाइबर की पर्याप्त मात्रा बेहद जरूरी मानी जाती है। आधा कप बींस में लगभग 7 से 8 ग्राम फाइबर पाया जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अधिकांश वयस्कों को प्रतिदिन 25 से 38 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है, लेकिन यह मात्रा अक्सर पूरी नहीं हो पाती। पर्याप्त फाइबर लेने से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है और कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

संतुलित जीवनशैली भी है अहम

विशेषज्ञ इस बात पर भी जोर देते हैं कि सिर्फ एक-दो खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन जैसे कदम भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।

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